बालूमाथ (लातेहार)। प्रखंड के गणेशपुर पंचायत के चमातू में सीसीएल के मगध संघमित्रा क्षेत्र के नवनिर्मित महाप्रबंधक कार्यालय का उद्घाटन बुधवार को सीसीएल के निदेशक मानव संसाधन हर्षनाथ मिश्र व निदेशक तकनीक व संसाधन चंद्रशेखर तिवारी ने संयुक्त रूप से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नारियल फोड़कर व फीता काटकर किया. इस मौके पर निदेशकद्वय द्वारा शिलापट्ट का अनावरण भी किया गया. महाप्रबंधक कक्ष में जीएम राजीव सिंह ने निदेशकद्वय का पुष्पगुच्छ देकर व शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया. मौके पर उपस्थित लोगों व सीसीएल कर्मियों को संबोधित करते हुए निदेशक मानव संसाधन हर्षनाथ मिश्र ने कहा कि वर्तमान समय में कोयला पर मुख्य रूप से पावर सेक्टर की निर्भरता सर्वाधिक है. पावर प्लांट के लिए कोयले की आपूर्ति का 82 प्रतिशत भागीदारी कोल इंडिया के द्वारा पूरा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मगध संघमित्रा क्षेत्र सीसीएल के प्रगति की एक महत्वपूर्ण धुरी है. निदेशक तकनीक व संसाधन चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि सीसीएल की उत्पादन व डिस्पैच का वार्षिक लक्ष्य 96 एमटीपीए का एक चौथाई भार मगध संघमित्रा क्षेत्र पर है. माइंस क्षेत्र में ही महाप्रबंधक कार्यालय की स्थापना हो जाने से माइंस से उत्पादन, परिवहन के साथ साथ सीसीएल कर्मियों, स्थानीय रैयतों को इसका समुचित लाभ मिलेगा. महाप्रबंधक राजीव सिंह ने कहा कि मगध संघमित्रा क्षेत्र अंतर्गत मगध परियोजना एशिया की सबसे बड़ी ओपन कास्ट माइंस है. 2015 में शुरू हुई इस परियोजना ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. पहले जहां 20 एमटीपीए के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया जा चुका है, वहीं अब सीसीएल द्वारा निर्धारित किए गए 24 एमटीपीए के लक्ष्य को भी सामूहिक प्रयास से पूरा किया जाएगा. कार्यालय उद्घाटन के पश्चात कार्यालय परिसर में ही अतिथियों के द्वारा पौधारोपण कर प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया गया. ज्ञात हो कि इससे पूर्व मगध संघमित्रा क्षेत्र के महाप्रबंधक कार्यालय का संचालन चतरा जिला के बचरा से हो रहा था. स्थानीय रैयतों ने भी महाप्रबंधक कार्यालय की शुरुआत होने से हर्ष व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई है कि स्थानीय समस्याओं के समाधान के दिशा में बेहतर परिणाम सामने आएंगे. इससे मगध संघमित्रा क्षेत्र में कोयला उत्पादन, परिवहन और प्रशासनिक कार्यों को गति मिलने की भी उम्मीद जाहिर की गई है. वर्ष 2015 से संचालित मगध कोल परियोजना और संघमित्रा कोल परियोजना के लिए यह कार्यालय महत्वपूर्ण होगा. इससे चतरा और लातेहार जिले में कोयला परियोजनाओं से जुड़े कार्यों को स्थानीय स्तर पर मजबूती मिलेगी. एनबीसीसी की देखरेख में रामकृपाल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने भवन का निर्माण कराया है. परियोजना इंजीनियर निदेशक कुमार के अनुसार अधिकारियों और कर्मचारियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर भवन तैयार किया गया है. परिसर में मुख्य कार्यालय के अलावा कैंटीन, एडमिनिस्ट्रेशन सेक्शन, व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र, सुरक्षा कार्यालय, साइट कार्यालय और रेस्ट हाउस की सुविधाएं है. परियोजना पदाधिकारी राकेश कुमार, वीपीआर के महाप्रबंधक श्रीनिवास रेड्डी, विस्थापित नेता चेतलाल रामदास, विजय यादव, विजय प्रसाद, सिविल विभाग के गौरव कुमार तिवारी, एनबीसीसी के डीजीएम अभिमन्यु कुमार सिंह, एजीएम शैलेश कुमार, प्रोजेक्ट एग्जीक्यूटिव ऋषि प्रियदर्शी और रामकृपाल कंस्ट्रक्शन के निदेशक रंजन कुमार सहित सीसीएल के कई अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे.