
महुआडांड़ (लातेहार)। महुआडांड़ प्रखंड सभागार में शनिवार को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत संचालित विश्व हरित क्रांति योजना के तहत एक दिवसीय आम उत्सव सह बागवानी मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुमंडल पदाधिकारी सुलेमान मुंदरी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष बैठा ने संयुक्त रूप से की। मेले का मुख्य उद्देश्य योजना के तहत लगाए गए फलदार वृक्षों से प्राप्त फलों के उत्पादन, विपणन एवं किसानों की आय वृद्धि के संबंध में जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम में प्रखंड के विभिन्न पंचायतों से बड़ी संख्या में पहुंचे लाभुकों एवं किसानों ने अपने बागानों में उत्पादित विभिन्न प्रजातियों के आमों का प्रदर्शन किया। मेले में मालदा, दशहरी, लंगड़ा सहित कई किस्मों के आम आकर्षण का केंद्र रहे। किसानों द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर फलों की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता एवं बागवानी से होने वाले लाभों की जानकारी भी साझा की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसडीओ सुलेमान मुंडारी ने कहा कि विश्व हरित क्रांति योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि मनरेगा के माध्यम से लगाए गए फलदार पौधे अब आय का स्थायी स्रोत बनते जा रहे हैं। यदि किसान संगठित होकर अपने उत्पादों का विपणन करें तो उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य प्राप्त हो सकता है। वहीं बीडीओ संतोष बैठा ने कहा कि सरकार की मंशा केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य दिलाना भी है। उन्होंने किसानों से बागवानी को आजीविका का मजबूत माध्यम बनाने तथा आधुनिक तकनीकों को अपनाने की अपील की। मेले के दौरान किसानों ने अपनी समस्याओं से भी अधिकारियों को अवगत कराया। लाभुकों ने बताया कि पर्याप्त बाजार एवं खरीदारों की उपलब्धता नहीं होने के कारण उन्हें अपने बागानों में उत्पादित आमों को कम कीमत पर स्थानीय व्यापारियों को बेचना पड़ता है। इससे मेहनत के अनुरूप लाभ नहीं मिल पाता। किसानों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने विपणन के बेहतर विकल्पों की जानकारी दी। झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के प्रतिनिधियों ने लाभुकों को बताया कि वे अपने उत्पादित आमों की बिक्री रामपुर स्थित नेतरहाट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी के माध्यम से बेच सकते हैं। एफपीओ किसानों से सीधे आम खरीदकर बड़े बाजारों तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है, जिससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सकेगा। अधिकारियों ने कहा कि किसान यदि एफपीओ से जुड़ते हैं तो उन्हें विपणन, भंडारण एवं परिवहन जैसी सुविधाओं का भी लाभ मिलेगा। जेएसएलपीएस की एफपीओ दीदियों द्वारा लाभुकों से बाजार में स्टॉल लगाकर आम बेचा जा रहा है।
इससे किसानों के उत्पादों को सीधा बाजार उपलब्ध कराने और स्थानीय स्तर पर खरीदारों को गुणवत्तापूर्ण फल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। आम उत्सव सह बागवानी मेला के माध्यम से किसानों को बागवानी आधारित आजीविका, फल उत्पादन की उन्नत तकनीक, उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा बाजार से जुड़ने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि आने वाले समय में ऐसे आयोजनों से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और क्षेत्र में बागवानी को बढ़ावा मिलेगा। मौके पर जिला परिषद एस्टेला नगेशिया, प्रमुख कंचन कुजूर पशु चिकित्सक महानंद मौर्य, जेएसएलपीएस बीपीएम सुजीत कुमार,जेएसएलपीएस सीईओ संतोष कुमार यादव प्रखण्ड, कार्यक्रम पदाधिकारी जीतराम मुखिया गण, पंचायत सचिव, लाभुक सहित अन्य पदाधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।



