लातेहार। डायन कुप्रथा उन्मूलन एवं बाल विवाह मुक्त झारखण्ड को लेकर जेएसएलपीएस कार्यालय में शपथ-पत्र कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में व्याप्त कुप्रथाओं के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना तथा इनके पूर्ण उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास सुनिश्चित करना था. कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी पदाधिकारियों, कर्मियों एवं आम नागरिकों ने डायन कुप्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ ली. शपथ के माध्यम से यह संकल्प लिया गया कि समाज में जागरूकता फैलाकर महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा की जाएगी और उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक तथा समान अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे. इस अवसर पर कार्यक्रम में जीसीआरपी, बीपीएम व सीसी की विशेष उपस्थिति रही. वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि डायन कुप्रथा और बाल विवाह न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन हैं, बल्कि समाज की प्रगति में भी बड़ी बाधा हैं. इन कुप्रथाओं के कारण महिलाओं और बालिकाओं को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक शोषण का सामना करना पड़ता है. ऐसे में जेएसएलपीएस के माध्यम से चलाया जा रहा यह अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि स्वयं सहायता समूहों, ग्रामीण समुदायों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से ही इन कुप्रथाओं को जड़ से समाप्त किया जा सकता है. इस मौके पर प्रियंका देवी, गीता देवी, मुनिता उरांव, सविता देवी, अनिता शर्मा, दीपिका देवी, सरिता देवी, समेंत कई लोग मौजूद थे.