अपराध
डिग्री विद्यालय में अश्लील वीडियो बनाने के मामले की आजसू ने जांच की मांग की, डीसी को सौंपा ज्ञापन


यह पूरी तरह से गलत और नियमों के खिलाफ है. छात्र संगठन का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन की जानकारी या स्वीकृति के बिना इस तरह की गतिविधि न केवल शिक्षा व्यवस्था की मर्यादा को ठेस पहुंचाती है, बल्कि छात्राओं की शिक्षा और नीजता पर भी सवाल खड़े करती है. खासकर बालिग और नाबालिग छात्र-छात्राओं का वीडियो बनाकर सार्वजनिक प्लेटफॉर्म पर डालना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है. वीडियो एल्बम में साफ से नजर आ रहा है कि एक तरफ एलबम शूट किया जा रहा है दूसरी ओर शिक्षक बगल में बैठे हुए हैं. बावजूद किसी प्रकार की रोक-टोक नहीं की गई ना ही संबंधित जिम्मेदारों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई की गई, यह चिंताजनक है.
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि वीडियो में विद्यालय की कैंपस में अश्लील गाने में वीडियो बनाया गया है. छात्र संघ के नेता आदित्य दुबे एवं नीरज कुमार का कहना है कि इस तरह की हरकतें शिक्षा के माहौल को खराब करती हैं और विद्यालय एव डिग्री कॉलेज को को बदनाम करने की साजिश का हिस्सा हो सकती हैं. यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में ऐसी मामले और बढ़ सकती हैं. अखिल झारखंड छात्र संघ ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने एवं दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है ताकि बिना अनुमति कोई भी बाहरी या आंतरिक व्यक्ति वीडियो रिकॉर्डिंग या फोटोग्राफी न कर सके. 