महुआडांड़ (लातेहार)। प्रखंड के ओरसा पंचायत अंतर्गत चिरोपाठ गांव में नेटवर्क की गंभीर समस्या के कारण राशन वितरण में कार्डधारियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गांव में मोबाइल नेटवर्क नहीं होने के कारण राशन कार्डधारियों का बायोमैट्रिक सत्यापन नहीं हो पाता है, जिसके चलते लोगों को जंगल और ऊंचे पहाड़ों तक जाकर अंगूठा लगाना पड़ता है। बताया जाता है कि इस पोषण क्षेत्र में करीब 200 राशन कार्डधारी हैं, जिन्हें हर महीने राशन लेने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है। कई बार नेटवर्क नहीं मिलने के कारण कार्डधारियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है. जन वितरण प्रणाली अंतर्गत राशन डीलर जगतु नगेसिया ने बताया कि चिरोपाठ गांव सुदूर क्षेत्र में स्थित है और यहां मोबाइल नेटवर्क ठीक से नहीं पकड़ता। बायोमैट्रिक मशीन में नेटवर्क नहीं आने के कारण कार्डधारियों का सत्यापन नहीं हो पाता, इसलिए मजबूरी में लोगों को गांव से दूर ऐसे स्थानों पर जाना पड़ता है जहां नेटवर्क उपलब्ध हो सके. कार्डधारियों का कहना है कि उन्हें राशन लेने के लिए गांव से दूर जंगल और ऊंचे पहाड़ पर जाकर अंगूठा लगाना पड़ता है. कई बार पूरा दिन नेटवर्क आने का इंतजार करना पड़ता है, लेकिन अगर शाम तक नेटवर्क नहीं आता तो उन्हें खाली हाथ वापस लौटना पड़ता है. ग्रामीणों का कहना है कभी तो प्रक्रिया एक सप्ताह तक चलती है, तब जाकर राशन मिल पाता है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव में नेटवर्क की व्यवस्था सुधारी जाए या फिर ऐसी वैकल्पिक व्यवस्था की जाए जिससे बिना नेटवर्क की समस्या के राशन वितरण हो सके। इससे कार्डधारियों को राहत मिले. प्रखंड डीलर संघ अध्यक्ष रोहित कुमार ने बताया कि 4जी मशीन सभी डीलर को मिला है, नेटवर्क समस्या कोई एक गांव की परेशानी नहीं प्रखंड में अनेकों ऐसे गांव हैं जहां नेटवर्क को लेकर राशन वितरण में परेशानी होती है.