लातेहार। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार, लातेहार के अध्यक्ष शेषनाथ सिंह के निर्देश पर रविवार को मंडल कारा, लातेहार में मासिक जेल लोक अदालत सह विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इस अदालत का मुख्य उद्देश्य छोटे-मोटे और शमनीय (बिना गंभीर हिंसा वाले) अपराधों में बंद कैदियों के मामलों का त्वरित निष्पादन कर उन्हें राहत पहुंचाना था. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विक्रम आनंद (CJM-सह-प्रभारी सचिव, DLSA, लातेहार) और विशिष्ट अतिथि के रूप में कुमारी जीव (ACJM, लातेहार) मुख्य रूप से उपस्थित थे. जेल लोक अदालत के दौरान जेल में बंद कैदियों के मामलों की गहन समीक्षा की गई. मौके पर आपसी समझौते और कानूनी प्रावधानों के तहत दो बंदियों को तत्काल रिहा करने का आदेश पारित किया गया. ये दोनों बंदी चंदवा थाना क्षेत्र के एक मामले में संलिप्त थे. अदालत के इस फैसले से उनके परिजनों में खुशी की लहर है. लोक अदालत के साथ-साथ बंदियों के लिए एक विधिक जागरूकता शिविर भी लगाया गया. मुख्य अतिथि श्री आनंद ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि जेल एक सुधार गृह है. यहाँ रहते हुए अपने व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाएं और जेल से छूटने के बाद समाज की मुख्यधारा से जुड़कर देश के विकास में योगदान दें. इसके अलावा बंदियों को मुफ्त कानूनी सहायता (Free Legal Aid) और उनके संवैधानिक अधिकारों की जानकारी दी गई. मौके पर प्रभात कुमार (जेल अधीक्षक, लातेहार), अशोक कुमार मिश्रा (चीफ एलएडीसी ), दीपक कुमार मिश्रा (असिस्टेंट एलएडीसी) के अलावा लातेहार न्यायालय के विभिन्न कर्मचारी और जेल प्रशासन के अधिकारीगण मुख्य रूप से मौजूद थे.