लातेहार। बरवाडीह-चिरिमिरी-अंबिकापुर रेललाइन निर्माण संघर्ष समिति (बरवाडीह-भंडरिया-बालरामपुर) ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा प्रस्तावित नई रेललाइन योजना में बदलाव की मांग को लेकर राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम को पत्र सौंपा है। समिति ने बरवाडीह से बिंदा, तेवाली होते हुए रामानुजगंज को जोड़ने की प्रस्तावित योजना के स्थान पर बरवाडीह-भंडरिया-बालरामपुर होते हुए अंबिकापुर तक पुरानी रेललाइन योजना को चालू कराने की मांग की है। समिति के अनुसार, 26 मई 2026 को भारत सरकार के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना में गढ़वा रोड जंक्शन से रामानुजगंज होते हुए अंबिकापुर तक नई रेललाइन तथा बरवाडीह से बिंदा-तेवाली होते हुए रामानुजगंज तक दूसरी रेललाइन योजना का उल्लेख है। समिति का कहना है कि बरवाडीह, भंडरिया और बलरामपुर क्षेत्र की जनता लंबे समय से पुरानी रेललाइन योजना की मांग करती रही है। समिति ने पत्र में कहा है कि पुरानी रेललाइन के लिए ब्रिटिश काल में ही भूमि अधिग्रहण किया जा चुका है। इस मार्ग पर कई स्थानों पर पुल-पुलिया एवं कोयल और कन्हर जैसी बड़ी नदियों पर पुराने रेलवे पुलों के अवशेष भी मौजूद हैं। ऐसे में पुरानी योजना को पुनर्जीवित करने से भूमि अधिग्रहण पर होने वाले अतिरिक्त खर्च और अन्य कठिनाइयों से बचा जा सकता है। समिति ने यह भी कहा कि प्रस्तावित नई रेललाइन के लिए नए सिरे से भूमि अधिग्रहण करने पर रेलवे को भारी खर्च उठाना पड़ेगा। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण के दौरान विभिन्न प्रकार की सामाजिक एवं प्रशासनिक कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ सकता है।समिति के अनुसार, पुरानी रेललाइन योजना का क्षेत्र अनुसूचित क्षेत्र है, जहां आदिवासी आबादी काफी अधिक है और पिछड़ापन भी व्यापक है। रेललाइन के निर्माण से क्षेत्र के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर मिलने के साथ-साथ क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।समिति ने सांसद से मामले में हस्तक्षेप करते हुए बरवाडीह-भंडरिया-बालरामपुर होते हुए अंबिकापुर तक पुरानी रेललाइन योजना को पुनर्जीवित कराने की दिशा में पहल करने का आग्रह किया है.ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष आनंद कुमार सोनी, सचिव जयप्रकाश मिंज, कोषाध्यक्ष मनोज राम आदि का नाम शामिल है.