विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर लातेहार में सप्ताहभर चला जागरूकता अभियान
मानसिक बीमारियों को छिपाने के बजाय खुलकर बात करने की अपील
लातेहार। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर लातेहार जिले में पांच से 10 अक्टूबर तक मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह मनाया गया. इस दौरान जिले के विभिन्न संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व और मानसिक बीमारियों के प्रति संवेदनशील रहने का संदेश दिया गया. जागरूकता सप्ताह की शुरुआत पांच अक्टूबर को गुरुकुल आवासीय बालिका छात्रावास से हुई. इसके बाद छह अक्टूबर को मंडलकारा, सात 7 अक्टूबर को एसएसबी 32वीं बटालियन,आठ अक्टूबर को संत जेवियर कॉलेज, महुआडांड़ में कार्यक्रम आयोजित किए गए. वहीं नौ अक्टूबर को विशेष शिक्षकों को मानसिक रूप से अस्वस्थ बच्चों एवं किशोरों में होने वाली मानसिक समस्याओं और बीमारियों के संबंध में जानकारी दी गई. भियान के अंतिम दिन 10 अक्टूबर को सदर अस्पताल, लातेहार से जागरूकता रैली निकाली गई. सिविल सर्जन डॉ. राजमोहन खलखो ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया.
रैली में मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनाली सिंकू और नर्सिंग के विद्यार्थियों ने भाग लिया. रैली सदर अस्पताल से शुरू होकर उपायुक्त कार्यालय होते हुए पुनः सदर अस्पताल पहुंची, जहां इसका समापन हुआ. रैली के दौरान प्रतिभागियों ने “निजी अनुभव मायने रखते हैं, सच्ची आवाज वास्तविक बदलाव”, “काम का बोझ थोड़ा घटाएं, मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता बनाएं” और “स्वस्थ मन, खुशहाल जिंदगी” जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया. इस अवसर पर मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. सोनाली सिंकू ने कहा कि जिस प्रकार शारीरिक स्वास्थ्य महत्वपूर्ण है, उसी प्रकार मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी आवश्यक है. मानसिक समस्याओं को छिपाने के बजाय उनके बारे में खुलकर बात करनी चाहिए. समय पर समस्या को पहचानना, परिवार का सहयोग प्राप्त करना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से परामर्श लेना महत्वपूर्ण है. उन्होंने लोगों से अपील की कि मानसिक बीमारी को लेकर किसी भी प्रकार का भेदभाव या संकोच न करें. मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाकर और जरूरतमंद लोगों को सहयोग देकर एक स्वस्थ एवं खुशहाल समाज का निर्माण किया जा सकता है.