लातेहार। संपूर्णा 2.0 परियोजना के तहत प्रखंड संसाधन केंद्र, लातेहार में सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षा पर एक प्रखंड स्तरीय माइक्रो डायलॉग आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के अंदर सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षा का बीज बोना और यह सुनिश्चित करना था कि वे अपनी भावनाओं को समझें, दूसरों का सम्मान करें और आत्म-नियंत्रण सीखें. कार्यक्रम में यह स्पष्ट किया गया कि शिक्षा केवल ज्ञान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के सामाजिक‑भावनात्मक विकास पर भी ध्यान देना आवश्यक है. इस दौरान सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षा के 9 कौशल और 6 रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई.प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी मनीष प्रधान ने कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया. साथ ही प्रखंड साधन सेबी एवं संकुल साधन सेबी ने भी सक्रिय भागीदारी की.इस पहल में विद्यालय के शिक्षकों, शिक्षा विभाग के जिला एवं प्रखंड स्तर के कर्मियों, बच्चों के माता-पिता और समुदाय की भूमिका को अहम बताया गया. कार्यक्रम का नेतृत्व संपूर्णा कंसोर्टियम की टीम निहाल मिश्रा, तनिमा घोष, अंशु एवं नमिता (पिरामल फाउंडेशन), राजकुमारी प्रधान एवं बिनीता कुमारी (उगम एजुकेशन फाउंडेशन) तथा उज्जवल कुमार (नालंदावे फाउंडेशन) ने किया. इस प्रखंड स्तरीय माइक्रो डायलॉग ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान का संचार नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर आत्मविश्वास, संवेदनशीलता और भावनात्मक संतुलन विकसित करना भी है। सामुदायिक सहभागिता और शिक्षकों की सक्रिय भूमिका के साथ यह पहल लातेहार में सामाजिक एवं भावनात्मक शिक्षा को नई दिशा देने का प्रयास है.