लातेहार। जिले के चंदवा प्रखंड के बनहरदी कोल ब्लॉक परियोजना के तहत ग्राम बुल्हू में पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन कॉलोनी (आरएंडआर कॉलोनी) के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने अपनी जमीन देने से इंकार कर दिया है. ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास पहले से ही खेती योग्य जमीन काफी कम है. इसी जमीन के सहारे वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं. यदि जमीन कंपनी को दे दी गई तो उनके सामने भूमिहीन होने और भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी. ग्रामीण सुमन देवी, सकेंद्र गंझू, सुनीता देवी, मनकिशोर गंझू, बिंदेश्वर गंझू और रोशन गंझू समेत अन्य लोगों ने बताया कि गांव के अधिकांश महिला-पुरुष सरकारी नौकरी या अन्य गैर सरकारी रोजगार से जुड़े नहीं हैं. वे अपनी जमीन पर मेहनत-मजदूरी कर परिवार का खर्च चलाते हैं. इसी से बच्चों की पढ़ाई-लिखाई भी कराते हैं। ऐसे में जमीन देना उनके लिए संभव नहीं है. ग्रामीणों ने बताया कि रविवार को ग्राम प्रधान दिलेश्वर गंझू की अध्यक्षता में ग्राम बुल्लू में ग्रामसभा की बैठक आयोजित की गई. बैठक में बनहरदी कोल ब्लॉक परियोजना की पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन कॉलोनी के लिए भूमि अधिग्रहण के मुद्दे पर चर्चा हुई. इसमें उपस्थित ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि वे किसी भी कीमत पर कॉलोनी निर्माण के लिए अपनी जमीन नहीं देंगे.
डीसी को ज्ञापन सौंप कार्रवाई की मांग
इधर, मंगलवार को ग्रामीणों ने लातेहार पहुंचकर उपायुक्त संदीप कुमार को ज्ञापन सौंपा. ग्रामीणों ने कंपनी के कथित मनमाने रवैये पर कार्रवाई करने की मांग की. ग्रामीण चंद्रदेव गंझू और सकेंद्र गंझू ने बताया कि उन्होंने डीसी से मुलाकात कर अपनी समस्याओं से अवगत कराया. ग्रामीणों ने कहा कि जमीन ही उनके जीवन और आजीविका का मुख्य आधार है.