लातेहार। महुआडांड़ मुख्यालय को परहाटोली पंचायत के आधा दर्जन ग्रामों को जोड़ने वाली रामपूर नदी पर बने पुल का अप्रोच पथ पांच साल पहले भारी बरसात में बह गया था. लेकिन इन पांच सालो में भी उसे बनाने की कोई सार्थक प्रयास नहीं किया गया.
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पुल का अप्रोच पथ के बह जाने से विश्रामपुर, शाहपुर, डुम्बरडीह चुटिया उदालखाड़, नगर प्रतापपुर, कीता और कुरो कला गांव के लोग खासे परेशान हैं. उनका आवागमन प्रभावित हो गया है. सबसे अधिक परेशानी स्कूल व कॉलेज आने जाने वाले बच्चों को हो रही है. उन्हें हर रोज नदी से गुजर कर स्कूल जाना और आना पड़ रहा है.
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कई बार तो छात्र अपनी जान जाखिम में डाल कर पुल के किनारों से नीचे उतरते हैं. आधा दर्जन गांव के सैकड़ो बच्चे प्रखंड मुख्यालय स्थित विभिन्न स्कूलो और कॉलेज के लिए आते है. पैदल या साईकिल से आवागमन करते है, इस रास्ता के इस्तेमाल करने से स्कूल और कॉलेज की दूरी बहुत कम होती है. समय की बचत होती है.
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बच्चो ने बताया कि अगर दूसरे रास्ते से मुख्यालय आये तो आठ किलोमीटर का दूरी तय करनी पड़ती है. इस रास्ते से स्कूल आने के लिए दो या तीन किलोमीटर तय करना पड़ता है. बच्चो ने उपायुक्त से पुल के अप्रोच को बनाने की मांग की है, ताकि स्कूल-कॉलेज आने जाने में कोई दिक्कत न हो.
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कीता गांव के ग्रामीणों ने बताया कि पिछ्ले चार साल से जब बरसात आता है, तो पुल का अप्रोच बह जाता है. फिर श्रमदान कर मिट्टी डाल बनवाया जाता है. हमेशा के लिए मजबूत अप्रोच पथ बने इसे लेकर ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक को भी कई बार लिखित आवेदन दिया है. अब तक कोई सुनवाई नही हो पायी है.