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झारखंडमहुआडांड़

राजडंडा नदी पर पुल ध्वस्त होने पर प्रशासन ने बदला मुख्य मार्ग

डायवर्सन बनाना खतरनाक, पानी का बहाव करीब 25 फीट ऊपर, विभाग ने जल्द टेंडर निकालने की तैयारी शुरू की

महुआडांड़ (लातेहार)। महुआडांड़-डाल्टनगंज मुख्य मार्ग के ग्राम राजडंडा स्थित राजडंडा नदी पर बना पुल मूसलाधार बारिश के कारण ध्वस्त हो जाने के बाद जिला प्रशासन एवं पथ निर्माण विभाग अलर्ट मोड में है. पुल के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलते ही पथ निर्माण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता प्रभाकर सिंह पहुंचे और स्थल का निरीक्षण किया. मौके पर कनीय अभियंता विजय बखला भी मौजूद थे. निरीक्षण के बाद पुल के आसपास की स्थिति एवं नदी के तेज बहाव को देखते हुए फिलहाल यहां डायवर्सन बनाना सुरक्षित नहीं माना गया. कार्यपालक अभियंता श्री सिंह ने बताया कि बताया कि राजडंडा नदी में बाढ़ के कारण नदी सतह से पुल के ऊपर करीब 25 फीट तक पानी का तेज बहाव हो रहा है. ऐसी स्थिति में पुल के समीप डायवर्सन बनाना उचित नहीं होगा. पानी का बहाव अत्यधिक तेज होने के कारण डायवर्सन के भी बह जाने की आशंका है, जिससे किसी बड़े हादसे की संभावना बनी रहेगी.  लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल मुख्य मार्ग का मार्ग परिवर्तन किया गया है. उन्होंने बताया कि डाल्टनगंज – लातेहार की ओर से महुआडांड़ आने वाले छोटे-बड़े वाहनों को बांसकरचा मोड़ से कुरो होते हुए महुआडांड़ पहुंचने का वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किया गया है. महुआडांड़ से डाल्टनगंज एवं लातेहार की ओर जाने वाले वाहनों को कुरो मोड़ से बांंसकरचा होते हुए मुख्य मार्ग पर पहुंचना होगा. प्रशासन द्वारा वैकल्पिक मार्ग की जानकारी वाहन चालकों तक पहुंचाने के लिए डायवर्ट किए गए मोड़ के समीप सूचना बोर्ड भी लगाया गया है, ताकि वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी न हो. मौक पर युवा कांग्रेस प्रखंड अध्‍यक्ष आमिर सुहेल भी मौजूद थे.

चार पुलों के निर्माण का प्रस्ताव विभाग को भेजा

कार्यपालक अभियंता प्रभाकर सिंह ने बताया कि क्षेत्र में क्षतिग्रस्त एवं आवश्यक पुलों के निर्माण को लेकर विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है. इसमें राजडंडा, बोहटा, बांसकरचा  एवं अक्‍शी में बनने वाले चार पुल शामिल हैं. विभाग की ओर से जल्द प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि करीब एक माह के अंदर टेंडर प्रकाशित कर दिया जाए, ताकि निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके और क्षेत्र में बाधित आवागमन को जल्द सामान्य किया जा सके.

 

प्रशासन की अपील, जान जोखिम में डालकर पुल पार न करें

पुल ध्वस्त होने के बाद प्रशासन द्वारा मुख्य मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया है। इसके बावजूद कुछ लोग प्रशासन की चेतावनी की अनदेखी करते हुए अपनी मोटरसाइकिल लेकर क्षतिग्रस्त पुल के रास्ते से पार करने का प्रयास कर रहे हैं। नदी में पानी का बहाव कभी नहीं तेज हो सकता है ऐसी लापरवाही कभी भी जानलेवा साबित हो सकती है।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर क्षतिग्रस्त पुल को पार करने का प्रयास न करें और निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का ही इस्तेमाल करें। विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों को नदी के तेज बहाव और पुल की क्षतिग्रस्त स्थिति को देखते हुए पूरी तरह सावधानी बरतने की जरूरत है। पुल ध्वस्त होने से महुआडांड़ सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। हालांकि प्रशासन द्वारा वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने तथा विभाग द्वारा नए पुल के निर्माण की प्रक्रिया शुरू किए जाने से लोगों को जल्द आवागमन सामान्य होने की उम्मीद है।

Md Ali Raja

संवाददाता, महुआडांड, लातेहार

Md Ali Raja

संवाददाता, महुआडांड, लातेहार

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