


अतिथियों को अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया. इससे पहले 25 मार्च की सुबह नौ बजे से प्रारंभ हुए अंखड कीर्तन की पुर्णाहुति की गयी.
मौके पर बतौर मुख्य यजमान के रूप में रामकुमार प्रसाद सप्नीक मौजूद थे. जबकि वैदिक मंत्रोच्चारण अनिल मिश्र व मंदिर पुजारी दिलीप शुक्ला ने किया. भंडारा से पूर्व वेदी पूजन व नौ कन्या पूजन किया गया. अतिथियों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से सामाजिक सोहार्द बढ़ता है और एक सकारात्मक उर्जा का संचार होता है. आयोजन को सफल बनाने में मोती प्रसाद अग्रवाल, गजेंद्र प्रसाद शौंडिक, संतोष अग्रवाल, कन्हाई प्रसाद अग्रवाल, बनवारी प्रसाद, महेंद्र सिंह, रमेश प्रसाद, बैजनाथ प्रसाद, अनिल प्रसाद अग्रवाल, अमोल प्रसाद, चितरंजन प्रसाद, दीपक विश्वकर्मा, मुकेश प्रसाद आदि का सराहनीय योगदान रहा. मौके पर राजकुमार अग्रवाल, दिनेश कुमार महलका, अश्विनी सिंह, गौरव दास, प्रभात कुमार, दीपक कुमार, ब्रजेश अग्रवाल, विजय प्रसाद, बरखा आदि मौजूद थीं.