लातेहार। जिला कल्याण विभाग द्वारा आदिवासियों के धर्मस्थल सरना, मसना, जाहिर स्थल एवं हड़गड़ी स्थल के संरक्षण एवं विकास के लिए स्वीकृत योजनाओं में अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाया गया है। इस संबंध में जिला परिषद सदस्य विनोद उरांव ने पूर्व मंत्री सह कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बन्धु तिर्की को एक ज्ञापन सौंपा है. उन्होंने इन योजनाओं की जांच कराने की मांग की है. शिकायत पत्र में कहा गया है कि जिला कल्याण विभाग द्वारा सरना, मसना, जाहिर स्थल, हड़गड़ी स्थल एवं आदिवासियों के कार्यों के लिए विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति दी जाती है. लेकिन कई स्थानों पर योजना के नाम पर राशि की निकासी कर ली गई है, जबकि धरातल पर कार्य नहीं कराया गया है. आरोप लगाया गया है कि एक ही राजस्व ग्राम में एक ही सरना स्थल होने के बावजूद कल्याण विभाग की मिलीभगत से एक ही स्थान पर अलग-अलग योजनाओं के नाम पर दो-तीन बार रुपये तक की निकासी की जा रही है. कुछ स्थानों पर गैरमजरुआ भूमि खाली पड़ी है, जिसमें दो-चार पेड़ हैं, उसे भी सरना स्थल का नाम देकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है. शिकायतकर्ता ने कहा है कि झारखंड सरकार के मार्गदर्शन में सरना, मसना, जाहिर स्थान एवं हड़गड़ी स्थलों के संरक्षण के लिए योजनाएं संचालित हैं, लेकिन योजनाओं की गुणवत्ता में घोर अनियमितता बरती जा रही है। योजना स्वीकृति के बाद ग्रामसभा भी कथित रूप से फर्जी तरीके से कराई जा रही है. ग्रामीणों के अनुसार, ग्रामसभा में योजना की जानकारी नहीं दी जाती, बल्कि मुखिया, पंचायत सचिव एवं अन्य लोगों के हस्ताक्षर कराकर राशि की निकासी की जा रही है. उन्होंने बालूमाथ प्रखंड के शेरेगढ़ा और बालू ग्राम में कराई गई योजनाओं में अनियमितता की शिकायत की है और कहा कि जिला परिषद की बैठकों में भी इन मामलों को उठाया गया है, लेकिन अभी तक कोई करवाई नहीं हुई है. मौके पर सेल्सटीन कुजूर भी मौजूद थे.