लातेहार। उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता ने बुधवार को समाहरणालय के सभागार में आयोजित एक प्रेस वार्ता में बताया कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान योजना के तहत 15 जून से 30 जून तक जिले के सभी प्रखंडों में शिवरि का आयोजन किया जायेगा. उपायुक्त ने बताया कि जनजातीय गौरव वर्ष 2025 के तहत लातेहार जिले के 50 प्रतिशत से अधिक जनसंख्या वाले अनुसूचित जनजाति बाहुल्य 90 पंंचायतों के 269 गांवों में अनुसूचित जनजाति समुदाय के विकास हेतु इन शिविरों का आयोजन किया जायेगा.
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उन्होने बताया कि शिविर में अनुसूचित जनजाति व खास कर आदिम जनजाति समुदाय के नागरिकों को कई प्रकार की सेवायें उपलब्ध करायी जायेगी. इनमें आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, स्थानीय प्रमाण पत्र, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम किसान, जनधन खाता, विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन व पीएम विश्वकर्मा योजना आदि का लाभ दिया जायेगा. उन्होने बताया कि शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों के द्वारा स्टॉल भी लगाये जायेगें और प्रखंड स्तर के पदाधिकारी भाग लेगें. उपायुक्त ने आगे बताया कि मौके पर समेकित जनजाति विकास प्राधिकरण के निदेशक प्रवीण कुमार गगराई ने भी धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान योजना की जानकारी दी. उन्होने कहा कि अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों का जीवन स्तर उपर उठाने एवं उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ कर लाभ देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है. इसी कारण पंचायत व गांव स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोगों का इसका लाभ मिल सके. प्रेस वार्ता में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डा चंदन समेंत जनसंपर्क कार्यालय व आईटीडीए के अन्य कर्मी मौजूद थे.
सदर अस्पताल में फिजियोथैरेपिस्ट की बहाली करने की मांग
प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों ने सदर अस्पताल, लातेहार में फिजियोथैरेपिस्ट (शारीरिक चिकित्सक) की बहाली करने की मांग उपायुक्त से की. इस पर उपायुक्त ने सकारात्मक आवश्वासन दिया और इस दिशा में पहल करने की बात कही. पत्रकारों ने बताया कि सदर अस्पताल में फिजियोथैरेपिस्ट नहीं रहने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. हड्डी आदि टुटने पर अस्पताल में प्लास्टर व अन्य इलाज हो जाता है, लेकिन फिजियोथैरेपिस्ट नहीं रहने के कारण उन्हें शारीरिक चिकित्सा नहीं मिल पाती है, ऐसे में उनमें दिव्यांगता आ जाने की संभावना रहती है.