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झारखंडलातेहार

प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 80 लाभुकों के लिए एक करोड़ 24 लाख 47 हजार रुपये की मुआवजा राशि स्वीकृत

लातेहार। जिले में प्राकृतिक एवं अन्य आपदाओं से प्रभावित लोगों को त्वरित राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में विभिन्न आपदा मामलों में कुल 80 लाभुकों के लिए एक करोड़ 24 लाख 47 हजार रुपये की मुआवजा राशि स्वीकृत की गई है. उपायुक्त श्री संदीप कुमार ने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को समय पर राहत एवं मुआवजा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को आपदा से संबंधित मामलों का त्वरित सत्यापन करते हुए पात्र लाभुकों को सरकार के प्रावधानों के अनुरूप सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्णय के अनुसार अतिवृष्टि से मकान क्षति के 27 लाभुकों के लिए दो लाख 24 हजार रुपये, पानी में डूबने के छह लाभुकों के लिए 24 लाख रुपये, सर्पदंश के छह लाभुकों के लिए 24 लाख रुपये, सड़क दुर्घटना के 13 लाभुकों के लिए 13 लाख रुपये, वज्रपात से प्रभावित 26 लाभुकों के लिए 53 लाख 23 हजार रुपये, चक्रवात से प्रभावित दो लाभुकों के लिए 8 लाख रुपये कुल 80 लाभुकों के लिए एक करोड़ 24 लाख 47 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. क्षति विवरणी के अनुसार 61 मानव एवं अन्य क्षति के मामले दर्ज किए गए थे. उपायुक्त संदीप कुमार ने आमजनों से अपील की है कि विशेषकर वर्षा ऋतु में सतर्कता बरतें तथा मौसम एवं जिला प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भी विभिन्न आपदाओं के लिए नागरिकों को पूर्व चेतावनी एवं सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी करता है.

वज्रपात से बचाव :

गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेत, पहाड़ी, पेड़ के नीचे या जलाशय के आसपास न रहें। संभव हो तो तत्काल पक्के भवन के अंदर शरण लें।

बिजली चमकने और गरजने के दौरान विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखें।

मौसम विभाग/प्रशासन द्वारा जारी वज्रपात संबंधी चेतावनी को गंभीरता से लें।

सर्पदंश से बचाव :

बारिश के दौरान घर के आसपास झाड़ियों, लकड़ी के ढेर एवं कचरे को साफ रखें।

रात में बाहर निकलते समय टॉर्च का प्रयोग करें और पैर में जूते पहनें।

सांप के काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय न गंवाएं तथा तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र/अस्पताल ले जाएं।

प्रभावित अंग को यथासंभव स्थिर रखें और सांप को पकड़ने या मारने का प्रयास न करें।

बाढ़ एवं अतिवृष्टि से बचाव :

तेज बारिश या बाढ़ की स्थिति में नदी, नाला, पुल-पुलिया एवं तेज बहाव वाले पानी को पार करने का प्रयास न करें।

प्रशासन द्वारा सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दिए जाने पर तुरंत उसका पालन करें।

बिजली के खंभों, टूटे तारों एवं जलमग्न विद्युत उपकरणों से दूर रहें।

आवश्यक दस्तावेज, दवाइयां, पीने का पानी, टॉर्च एवं मोबाइल को सुरक्षित रखें।

बाढ़ के दौरान अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। NIDM के अनुसार बाढ़ के दौरान सुरक्षित स्थान पर जाना और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना महत्वपूर्ण है।

आपदा होने पर मुआवजा के लिए कैसे करें आवेदन?

जिला प्रशासन ने आमजनों से अपील की है कि वज्रपात, सर्पदंश, पानी में डूबने, अतिवृष्टि से मकान क्षति अथवा अन्य अधिसूचित आपदा से क्षति होने की स्थिति में घटना की सूचना तत्काल संबंधित ग्राम पंचायत/मुखिया, हल्का कर्मचारी, राजस्व कर्मचारी, पंचायत सचिव, संबंधित अंचल कार्यालय अथवा प्रखंड प्रशासन को दें।

मुआवजा हेतु सामान्यतः संबंधित अंचल स्तर पर आपदा की घटना एवं क्षति की सूचना/आवेदन दिया जा सकता है। इसके बाद संबंधित पदाधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा स्थल निरीक्षण एवं आवश्यक सत्यापन कर क्षति प्रतिवेदन तैयार किया जाता है। पात्रता एवं सरकारी प्रावधानों के अनुरूप स्वीकृति की कार्रवाई के बाद लाभुक को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाता है।आवेदन के साथ उपलब्ध होने पर आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण/पासबुक की प्रति, मृतक/घायल व्यक्ति का पहचान संबंधी दस्तावेज, मृत्यु प्रमाण-पत्र/पोस्टमार्टम रिपोर्ट अथवा चिकित्सीय दस्तावेज तथा मकान/अन्य क्षति से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकते हैं। दस्तावेजों की आवश्यकता आपदा के प्रकार एवं लागू सरकारी प्रावधानों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

जिला प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि आपदा की घटना की सूचना जितनी जल्दी संबंधित अंचल प्रशासन को दी जाएगी, उतनी ही शीघ्र क्षति का सत्यापन एवं नियमानुसार राहत/मुआवजा संबंधी कार्रवाई की जा सकेगी। लातेहार जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से अपील की गई है कि वे प्राकृतिक आपदा के समय सतर्क रहें, प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन को सूचित करें। जिला प्रशासन आपदा प्रभावित परिवारों को नियमानुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. 

Ashish Tagore

Bureau Head Shubhamsanwad.com 9471504230/9334804555

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