श्री रामचरितमानस के 53वें अधिवेशन में भक्ति और आस्था का बना माहौल
लातेहार। शहर के बीचो-बीच स्थित अंबा कोठी में आयोजित श्री रामचरितमानस के 53वें अधिवेशन में इन दिनों श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना हुआ है. अधिवेशन के दौरान प्रत्येक संध्या आयोजित होने वाली आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. आरती में महिलाओं, पुरुषों के साथ-साथ बच्चे भी उत्साहपूर्वक शामिल हो रहे हैं. शाम होते ही अंबा कोठी परिसर श्रद्धालुओं की भीड़ से भर जा रहा है और पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है. संध्या आरती के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीराम के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए भक्ति में लीन नजर आते हैं. आरती के समय परिसर में गूंजते भजन एवं धार्मिक मंत्रों से वातावरण आध्यात्मिक हो जाता है.बड़ी संख्या में श्रद्धालु आरती में शामिल होकर भगवान श्रीराम का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं. अधिवेशन में मुख्य यजमान के रूप में पवन कुमार महलका सपत्नीक उपस्थित रहते हैं.
वहीं अशोक कुमार महलका के नेतृत्व में श्रद्धालुओं द्वारा विधि-विधान के साथ संध्या आरती संपन्न कराई जाती है. आरती के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामचरितमानस के संदेशों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेते हैं. महायज्ञ समिति के मुख्य संरक्षक सह राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने बताया कि श्री रामचरितमानस अधिवेशन का उद्देश्य लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, सत्य, त्याग और सेवा के संदेश से जोड़ना है. अधिवेशन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी हो रही है। संध्या आरती के अवसर पर विशेष रूप से परिवार सहित लोगों की उपस्थिति देखने को मिल रही है. मौके पर महायज्ञ समिति के अध्यक्ष प्रमोद प्रसाद सिंह, महामंत्री सुदामा प्रसाद गुप्ता, कोषाध्यक्ष विनोद कुमार महालका, डॉ विशाल शर्मा, चंद्रप्रकाश उपाध्याय, सुनील कुमार शौंडिक, संतोष कुमार अग्रवाल, प्रकाश मोहन अग्रवाल, मदन प्रसाद, दुर्गा प्रसाद, सुरेश प्रसाद, मुकेश पांडेय, राजीव रंजन पांडेय, राजेश प्रसाद सिंह, अनिल कुमार, दिनेश कुमार महलका, जया और बरखा समेत काफी संख्या में लोग उपस्थित थे. कहना गलत नहीं होगा कि अंबा कोठी में आयोजित यह धार्मिक आयोजन शहरवासियों के लिए आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र बना है. संध्या आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालु भक्तिभाव के साथ आरती में भाग लेने के बाद प्रसाद ग्रहण कर सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना करते हैं.