लातेहार। जिला मुख्यालय के कीनामाड़ स्थित मत्स्य हेचरी सभागार में एक दिवसीय खरीफ फसल कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का उद्देश्य संभावित कम वर्षा और सूखे की स्थिति को देखते हुए किसानों तथा कृषि पदाधिकारियों को पूर्व तैयारी के प्रति जागरूक करना था. कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जिला परिषद अध्यक्ष पूनम देवी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में सांसद प्रतिनिधि अमलेश सिंह, विधायक प्रतिनिधि गौरव दास मौजूद थे. कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी नेहा निश्चल ने कहा कि मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मानसून में कम बारिश के आसार हैं.
इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट द्वारा अल नीनो के प्रभाव के कारण वर्षा में कमी की संभावना जताई गई है, जिससे सूखे की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. ऐसी परिस्थिति में कृषि विभाग पहले से तैयारी कर किसानों को राहत पहुंचाने की दिशा में कार्य कर रहा है. उन्होंने बताया कि सभी प्रखंडों के कृषि पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में संभावित सूखे से निपटने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश पूर्व में ही दिया गया था. उसी योजना को इस कार्यशाला में विस्तार से प्रस्तुत किया गया. उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों के लिए समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि सही समय पर बीज, उर्वरक और सिंचाई की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती, तो खेती की पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है. मुख्य अतिथि पूनम देवी ने कहा कि सभी अधिकारी एक टीम की तरह काम करें और किसानों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाएं. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग से जुड़े सभी पदाधिकारी एक्शन मोड में रहकर कार्य करें ताकि सूखे जैसी परिस्थिति में भी किसानों को न्यूनतम नुकसान हो. इस दौरान भूमि संरक्षण पदाधिकारी विवेक मिश्रा ने किसानों को धान की उपयुक्त किस्मों के चयन, जल संरक्षण उपायों तथा सूखे की आपात स्थिति में अपनाए जाने वाले तरीकों की जानकारी दी. किसानों को सलाह दी गई कि वे कम पानी में तैयार होने वाली फसलों एवं धान की वैकल्पिक किस्मों की जानकारी अवश्य लें. कार्यशाला में पशुपालन पदाधिकारी सुषमा परधिया, श्रवण कुमार, बिरसा मुंडा, भोला राम, चंदन कुमार सहित बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से आए वैज्ञानिक एवं सैकड़ों किसान मौजूद रहे.