महुआडांड़ (लातेहार)। महुआडांड़ प्रखंड के चटकपुर पंचायत निवासी एवं वर्तमान में चंदवा प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, लोहरसी में पदस्थापित चिकित्सक डॉ. प्रकाश बड़ाइक (50) का निधन इलाज के क्रम में रांची के एक अस्पताल में हो गया. उनके निधन की खबर मिलते ही परिवार, चिकित्सक समुदाय तथा महुआडांड़ क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई. लोगों ने उन्हें एक सरल, मिलनसार और सेवाभावी चिकित्सक के रूप में याद किया.
डॉ प्रकाश बड़ाइक का फाइल फोटो
डॉ. प्रकाश बड़ाइक अपने पीछे वृद्ध पिता, एक दिव्यांग भाई तथा दो पुत्रों को छोड़ गए हैं. उनके दोनों पुत्रों की उम्र क्रमशः लगभग 11 वर्ष और सात वर्ष है. वर्तमान में उनका पूरा परिवार रांची के लालगुटवा में निवास करता है. परिवार पर इस असमय हुए निधन से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. डॉ. प्रकाश बड़ाइक की चचेरी बहन संगीता बड़ाइक ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए बताया कि वे अत्यंत सरल स्वभाव के व्यक्ति थे. छोटे-बड़े सभी लोगों से आत्मीयता के साथ मिलते थे और हमेशा लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए उचित सलाह देते थे. उन्होंने बताया कि जब डॉ. प्रकाश बड़ाइक की पदस्थापना महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में थी, तब पूरा परिवार चटकपुर में ही रहता था। उनके व्यवहार और सेवा भावना के कारण वे क्षेत्र के लोगों के बीच काफी लोकप्रिय थे. जानकारी के अनुसार, डॉ. प्रकाश बड़ाइक वर्ष 2007 से 2009 तक महुआडांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत रहे. इस दौरान उन्होंने अपनी कार्यशैली से लोगों का विश्वास जीता. अस्पताल में ड्यूटी के अलावा आवश्यकता पड़ने पर अपने सरकारी आवास में भी मरीजों का उपचार कर मानवता का परिचय देते थे. 2016 में उनका स्थानांतरण गुमला जिले से नेतरहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुआ. यहां वे 2020 तक कार्यरत रहे. कोरोना महामारी के कठिन दौर में भी उन्होंने पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी सेवाएं दीं. नेतरहाट के बाद उन्हें बालूमाथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का चिकित्सा प्रभारी बनाया गया, जहां उन्होंने करीब दो वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे चंदवा प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोहरसी में पदस्थापित थे और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे. डॉ. प्रकाश बड़ाइक के निधन की सूचना मिलते ही महुआडांड़, नेतरहाट, बालूमाथ, चंदवा तथा आसपास के क्षेत्रों के लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया. बता दें कि पिछले शनिवार को डा बड़ाईक कार्य के दौरान चंदवा स्वास्थ्य केंद्र में अपनी कुर्सी से अचानक गिर गये थे. उन्होने रांची के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहां डाक्टरो ने उन्हें ब्रेन हेमरेज होने की पुष्टि की थी. कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया में उनके निधन की खबर प्रसारित हो गयी थी.