राजनीति
पलामू को केंद्रशासित राज्य बनाने की मांग जोर पकड़ी, पंकज तिवारी ने उठायी आवाज
रामेश्वरम्, मुसन शुक्ला और श्यामसुंदर मिस्त्री सत्यार्थी ने उठाई थी आवाज
उनके इस समर्थन को व्यापक जन समर्थन मिल रहा था. पलामू, गढ़वा व लातेहार के काफी संख्या में लोग उनके इस मुहिम से जुड़ेे और पलामू को केंद्र शासित राज्य बनाने की मांग को अपनी आवाज दी. रामेश्वरम् के इस अभियान ने जोर पकड़ ली थी और तत्कालीन बिहार सरकार में विधानसभा में पलामू को केंद्र शासित राज्य बनाने की मांग तत्कालीन मनिका के भाजपा विधायक यमुना सिंह ने उठायी थी. मुशन शुक्ला का भी साथ उन्हें मिला. बाद में रामेश्वरम की अस्वस्थता के कारण जब उनकी सक्रियता कम हो गयी तो श्याम सुंदर मिस्त्री सत्यार्थी ने पलामू को केंद्र शासित राज्य बनाने की आवाज को बुलंद किया.
सत्यार्थी ने भी इसे ले कर कई बार धरना प्रदर्शन और जनसपंर्क किये. हालांकि विगत कुछ वर्षों से पलामू को केंद्र शासित राज्य बनाने की मांग ठंडे बस्ते में थी. उसे फिर से जिंदा किया है पलामू केंद्र शासित राज्य निर्माण संघर्ष समिति के पंकज तिवारी ने. पंकज तिवारी भी पलामू को केंद्र शासित राज्य बनाने की मांग को ले कर पूर्व में किये गये आंदोलन व प्रदर्शनों में शामिल रहे हैं. श्री तिवारी ने कहा कि पलामू के खतियानी उदयगढ़ के लाल भीष्म नारायण सिंह 1967 में बिहार विधानसभा के सदस्य व 1976 में राज्यसभा सदस्य चुने गए इंदिरा गांधी सरकार में संसदीय कार्य ,आवास, श्रम,खाद,नागरिक आपूर्ति एवम संचार मंत्री रहे. इतना ही नहीं भीष्म नारायण सिंह असम, तमिलनाडु,मेघालय के साथ साथ सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश,पांडुचेरी व अंडमान निकोबार के राज्यपाल भी रहे. पलामू खतियानी एक साथ लोकसभा में 4 सांसद बने थे. राँची लोकसभा से सुबोधकांत सहाय, धनबाद से चन्द्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे ,लोहरदगा से रामेश्वर उराँव पलामू से ब्रजमोहन राम सांसद चुने गए थे.
झारखंड निर्माण के समय पहली सरकार में झारखंड विधानसभा अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी ,राजस्व एवम भूमि सुधार मंत्री मधु सिंह, वन पर्यावरण मंत्री यमुना सिंह ,जल संसाधन मंत्री एवम संसदीय कार्य मंत्री रामचंद्र केसरी, खेल कूद युवा संस्कृति मंत्री वैद्यनाथ राम रहे हैं. तिवारी ने कहा कि खनिज सम्पदाओं से भरा रत्नगर्भा, प्राकृतिक सौन्दर्यता वाला और वनों से आच्छादित पलामू प्रमंडल वर्तमान दौर में चारागाह बना हुआ है. पलामू हर वर्ष आकाल ,सुखाड़, पलायन, बेरोजगारी, उग्रवाद,अपराध,विस्थापन का दंश झेलता नजर आ रहा है. घोर बुनियादी सुविधाओं का आभाव झेलता नजर आ रहा है. ऐसे मे पलामू को केंद्र शासित राज्य बनाना आवश्यक है. इसके लिए पलामू के लोगों को एकजुट होना होगा. 