लातेहार। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन, भारत के युवा प्रदेश संगठन मंत्री सनी देवल, जिला अध्यक्ष स्वेताभ अरुण एवं जिला सचिव दीपक आनंद ने शिकायत मिलने के बाद सदर अस्पताल लातेहार का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान एक सदर अस्पताल में भर्ती एक गर्भवती महिला को वहां से एक नीजि अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती के लिए प्रेरित करने का एक मामला सामने आया. जिला अध्यक्ष ने बताया कि उक्त महिला गंभीर पीड़ा से ग्रसित थी. उन्होने आरोप लगाया कि अस्पताल की एक महिला चिकित्सक के द्वारा सदर हॉस्पिटल मे सभी सुविधायें रहने के बावजूद एक निजी हॉस्पिटल में रेफर कराने के लिए प्रेरित किया गया. उन्होने आरोप लगाया कि उक्त महिला चिकित्सक ने यह कहकर रेफर करने की बात कही कि यहां ने तो ब्लड का व्यवस्था है और न ही कोई स्पेशलिस्ट डॉक्टर है जिससे की मरीज का ऑपरेशन किया जाये. जिला अध्यक्ष ने बताया कि इसकी जानकारी सिविल सर्जन, लातेहार को दी गयी है. उन्होने कहा कि सदर अस्पताल लातेहार जिला का मात्र एक सदर हॉस्पिटल है. यहां पूरे जिले से लोग आते हैं और यह उनके आश की आखरी उम्मीद है. ऐसे में मरीज को भ्रमित कर दूसरे अस्पतालों में भेजना कहां तक उचित है.