नगर पंचायत चुनाव, लातेहार
क्या भाजपा दुहरा पायेगी इतिहास या बिलासी मारेगी बाजी


सिमरिया के पूर्व विधायक किशुन दास को नगर निकाय चुनाव के लातेहार का प्रभारी बनाया गया था. निचले स्तर से प्रयास किये गये. हर एक वार्ड में कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किये गये. महिलाओं की अलग-अलग टोलियां बनायी गयी. इतना ही नहीं महेश सिंह को विजयी बनाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, मधु कोड़ा, सांसद कालीचरण सिंह, पूर्व मंत्री भानू प्रताप शाही व स्थानीय विधायक प्रकाश राम भी मैदान में उतरे. अब तो 27 फरवरी को ही पता चल पायेगा कि भाजपा इतिहास दुहराती है या नहीं. लेकिन भाजपा व उनके समर्थक महेश सिंह की जीत को पक्की मान रहे हैं. कई विपक्षी दलों ने भी स्वीकार किया है कि महेश सिंह सबसे आगे चल रहे हैं और हार व जीत का अंतर 500 से एक हजार वोट के अंदर ही रहेगा.
लेकिन दूसरी ओर झामुमो समर्थित प्रत्याशी बिलासी तोपनो को भी कमत्तर आंकना भूल होगी. उन्होने भी इस चुनाव में जी तोड़ कोशिश की है. पूर्व मंत्री सह झामुमो के केद्रीय उपाध्यक्ष बैद्यनाथ राम व जिला अध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव ने भी कड़ी मेहनत की और लगातार कैंपन किया. जहां तक मिल्यानी कुजूर की बात है तो चुनावों पर नजर रखने वालों का कहना है कि मिल्यानी कुजूर महेश सिंह के वोटों पर सेंधमारी नहीं कर सकी है. उन्होने वोट ले कर बिलासी तोपनो का ही नुकसान किया है. मिल्यानी कुजूर को जितना अधिक वोट मिलेगा, बिलासी तोपनो को उतना ही अधिक नुकसान होगा. खैर अब सबकी निगाहें 27 फरवरी को होने वाली मतगणना पर है.