लातेहार। विश्व हिंदु परिषद के झारखंड प्रांत संगठन मंत्री देवी सिंह ने कहा कि भारत देश में सिर्फ वीरों की ही नहीं वीरांगनाओं की कथा भी भरी पड़ी है. नारी ने कई बार विभिन्न रूप धारण कर अधर्मियों का नाश किया है और देश व समाज की रक्षा की है. प्राचीन काल से ही नारी शक्ति का रूप है. झारखंड के इतिहास में भी अनके वीर व वीरागंनाओं की कथायें मिलती है, जो हमें प्रेरणा देती है और राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत करती है. श्री सिह शहर के सरस्वती विद्या मंदिर में विश्व हिंदु परिषद के दुर्गा वाहिनी के द्वारा आयोजित आठ दिवसीय शौय प्रशिक्षण के पांचवें दिन भारत की वीरागंनायें और झारखंड का इतिहास विषय पर बोल रहे थे.
Advertisementउन्होने आगे कहा कि झारखंड के तत्कालीन राजाओं ने अंग्रेजो को भगाने के लिए कई युद्ध किये. 1855 में एक क्रांति हुई थी जिसमें 15 हजार लोग शहीद हुए थे. भारत की वीरागंंनायें और झारखंड का इतिहास विषय पर बोल रहे थे. फूलो झानो जैसी वीरागंनायें अंग्रेजों के लड़ाई लड़ी. भारत पर जब अंग्रेजों का शासन था उस काल में परम्परा और रूढ़िवादी सोच को पीछे छोड़ते हुए फूलो और झानो ने अंग्रेज़ी शासन के अत्याचारों के विरुद्ध विद्रोह किया. 1772 में मुकुल सिंह और बाद में बिरसा मुंडा ने अंग्रेजी हुकुमत के खिलाफ आंदोलन किया.
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उन्होने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में गुजरात की अहिल्या बाई होल्कर व किरण देवी की वीर गाथा का भी उल्लेख किया. कार्यक्रम में दुर्गावाहिनी की क्षेत्र संयोजिका डा शोभा रानी सिंहं, प्रांत मातृशक्ति प्रमुख दीपारानी कुंज, झारखंड प्रांत मंत्री मिथेश्वर मिश्र, झारखंड प्रांत मातृशक्ति सह प्रमुख सुषमा सुमन, झारखंड प्रांत सह मंत्री मनोज पोद्दार, झारखंड प्रांत मिलन सह प्रमुख कुमार, विभाग संगठन मंत्री पलामू विजय यादव, जिला संरक्षक रामनाथ अग्रवाल, विहिप जिला अध्यक्ष श्याम किशोर अग्रवाल व जिला मंत्री संजय तिवारी आदि ने अब तक भाग लिया.