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बीडीओ ने किया वीबी-जी राम जी योजना में फर्जीवाड़े पर बड़ी कार्रवाई, चार मेठ की बर्खास्ती

तीन रोजगार सेवकों से मांगा गया स्पष्टीकरण

बालूमाथ (लातेहार)।  उपायुक्‍त संदीप कुमार के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी सोमा उरांव ने वीबी-जी राम जी योजना में फर्जीवाड़े के मामले में चार मेठ को बर्खास्त कर दिया है. पहले जहां ठेकेदार, मनरेगा कर्मियों की मिलीभगत से फर्जी मजदूरों की उपस्थिति दिखाकर सरकारी राशि की निकासी कर लिया करते थे. अब वीबीजीरामजी योजना के नए नियमों के तहत इस तरह का फर्जीवाड़ा करना आसान नहीं है. ऑनलाइन निगरानी और योजनाओं की जांच के माध्यम से अधिकारियों को अब फर्जीवाड़े का पता चल जा रहा है. इसी क्रम में बालूमाथ प्रखंड विकास पदाधिकारी सोमा उरांव ने वीबीजीरामजी योजना में फर्जीवाड़े के मामले में चार मेठ को बर्खास्त कर दिया है. तीन रोजगार सेवकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. मिली जानकारी के अनुसार, प्रखंड के बालू पंचायत के बालू में रुकसाना बीबी की जमीन पर आम बागवानी योजना के तहत मेठ जासमीन बीबी द्वारा एनएमएमएस के माध्यम से मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कराई गई थी. इसी तरह मासियातू पंचायत के लक्ष्मीपुर में रामसहाय लोहरा की जमीन पर आम बागवानी योजना में मेठ बसंती देवी द्वारा मजदूरों की तस्वीर एनएमएमएस के माध्यम से अपलोड की गई थी. बालू ग्राम में चंदर गंझू की जमीन पर आम बागवानी योजना में मेठ निशा कुमारी द्वारा एनएमएमएस के माध्यम से मजदूरों की उपस्थिति दर्ज दिखाई गई. इसके अलावा भगेया पंचायत के केरी गांव में फुलमनी देवी की जमीन पर आम बागवानी योजना में मेठ राज कुमारी द्वारा एनएमएमएस के माध्यम से मजदूरों की तस्वीरें अपलोड की गई थीं. जांच के दौरान उक्त तस्वीरें प्रखंड लॉगिन में डुप्लीकेट मस्टर फोटो के रूप में प्रदर्शित हुईं. इससे प्रथम दृष्टया फर्जी मजदूरों की तस्वीरें अपलोड किए जाने का मामला सामने आया. मामले में बीडीओ ने संबंधित सभी मेठ से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर चारों मेठ को बर्खास्त कर दिया गया. साथ ही संबंधित पंचायतों के तीन रोजगार सेवकों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है. प्रखंड विकास पदाधिकारी के इस कार्रवाई से योजनाओं में फर्जीवाड़ा कर राशि की निकासी करने वाले अधिकतर बिचौलियों में हड़कंप मचा हुआ है. हालांकि दबे जुबान में लोग यह भी कह रहे हैं कि जो कार्रवाई की गई है, उसमें सबसे नीचे के स्तर के लोगों को निशाना बनाया गया है, अक्सर ऐसे मामले में बड़ी मछलियों को बचा लिया जाता है. जबकि उनकी सहमति व संलिप्तता से ही गड़बड़ियां संभव हो पाती हैं.

Kamrul Aarfee

संवाददाता, बालुमाथ, लातेहार

Kamrul Aarfee

संवाददाता, बालुमाथ, लातेहार

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