लातेहार। चतरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद कालीचरण सिंह ने पिछले 12 फरवरी को लोकसभा में नियम 377 के तहत संसदीय क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर इटखोरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. सांसद प्रतिनिधि अमलेश कुमार सिंह बताया कि सांसद ने केंद्र सरकार का ध्यान इटखोरी की धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता की ओर आकृष्ट कराया.सांसद श्री सिंह ने कहा कि इटखोरी केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था और सांस्कृतिक समन्वय का अद्भुत केंद्र है. यहाँ स्थित माँ भद्रकाली की पावन भूमि हिंदू, जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए समान रूप से श्रद्धा का केंद्र है. प्राचीन मूर्तियां, पुरातात्विक अवशेष और आध्यात्मिक विरासत इस स्थल को राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय पहचान भी दिलाते हैं. उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वर्ष 2015 से आयोजित हो रहा इटखोरी महोत्सव क्षेत्र की पहचान को नई ऊंचाई दे रहा है. इस महोत्सव में देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं, जिससे स्थानीय कला, संस्कृति, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा मिल रहा है. सांसद कालीचरण सिंह ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इटखोरी महोत्सव को “राष्ट्रीय महोत्सव” घोषित करने पर सकारात्मक विचार किया जाए. उन्होंने कहा कि ऐसा होने से इटखोरी का सुनियोजित विकास संभव होगा, अधिक पर्यटक आकर्षित होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. सांसद श्री सिंह ने दोहराया कि उनका निरंतर प्रयास है कि चतरा लोकसभा क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर सम्मान मिले और क्षेत्र विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचे.