लातेहार
शारदीय नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की गयी
मांसाहार व मदिरापान असुरी शक्तियों का आहार: त्रिभुवन पांडेय


श्री वैष्णव दुर्गा मंदिर में पुजारी त्रिभुवन पांडेय के सानिध्य में पूजन संपन्न कराया गया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मांसाहार एवं मदिरापान मनुष्य का आहार नहीं है. उन्होंने इसे असुरी शक्तियों का भोजन एवं आहार बताया. उन्होंने कहा कि भगवान मंत्र के अधीन हैं, मंत्र ब्राह्मण के अधीन हैं, ब्राह्मण यजमान (भक्त) के अधीन होते हैं और भगवान अपने भक्त के अधीन होते हैं. भगवान को उनके भक्त सबसे अच्छे लगते हैं. उन्होंने कहा कि मां दुर्गा की आराधना केवल बाहरी पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि मन, वचन और कर्म की शुद्धता भी आवश्यक है. नवरात्र का पर्व हमें सात्विक जीवन, भक्ति और सदाचार का संदेश देता है. उन्होंने श्रद्धालुओं से नवरात्र के दौरान संयम एवं सात्विक आहार अपनाते हुए श्रद्धा और भक्ति के साथ मां भगवती की आराधना करने की अपील की. मौके पर मंदिर समिति के संरक्षक अभिनंदन प्रसाद, सचिव आशीष टैगोर, सह सचिव रंजीत कुमार, रविंद्र प्रजापति, कोषाध्यक्ष राजू रंजन सिंह, दुर्गा पूजा समिति 2026 के अध्यक्ष उज्जवल कुमार, महामंत्री विष्णु कुमार, आकाश जायसवाल के अलावा सोनू कुमार (गोविंद), सोनू कुमार, आकाश कुमार, अमन कुमार आदि मौजूद थे.