झारखंड
शारदीय नवरात्र के शुभारंभ के साथ भक्तिमय हुआ लातेहार
घरों से लेकर दुर्गा पूजा पंडालों तक गूंजने लगे मां के जयकारे

प्रथम तिथि पर मां शैलपुत्री की हुई आराधना
लातेहार। शारदीय नवरात्र के शुभारंभ के साथ ही रविवार को पूरा लातेहार शहर भक्तिमय वातावरण में डूब गया. नवरात्र की प्रथम तिथि पर श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ अपने-अपने घरों में कलश स्थापित कर मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की. सुबह से ही मंदिरों और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई. मां के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा.
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शहर के श्री वैष्णव दुर्गा मंदिर में पुजारी त्रिभुवन पांडेय के सानिध्य में विधिवत कलश स्थापना कर नवरात्र पूजन का शुभारंभ किया गया. यहां मुख्य यजमान के रूप में नवीन कुमार साहू सपत्नी शामिल हुए।
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वहीं काली मंदिर परिसर में नवरात्र की प्रथम तिथि से ही पूजा पंडाल के पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. राज्यसभा सांसद बैद्यनाथ राम ने पंडाल का उदघाटन किया. इसके बाद श्रद्धालुओं ने यहां पहुंचकर मां दुर्गा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की. यहां भोला ठाकुर सपत्नी यजमान के रूप में शामिल हुए. पूजा-अर्चना का कार्य संतोष मिश्र के द्वारा कराया गया.
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वन एवं प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित पूजा स्थल पर भी विधि-विधान के साथ नवरात्र पूजन शुरू हुआ. यहां गौरव सिंह बतौर यजमान शामिल हुए.
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राजा दुर्गा बाड़ी में मुख्य यजमान के रूप में भानू प्रताप सिंह एवं कौशल किशोर पांडेय सपत्नी शामिल हुए. यहां पूजा-अर्चना का कार्य सूर्यदेव उपाध्याय के सानिध्य में संपन्न कराया जा रहा है.
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सार्वजनिक दुर्गा बाड़ी, डुरूआ बाजार (सोमेश्वर शिव मंदिर) में भी नवरात्र को लेकर विशेष तैयारी की गई है. यहां मुख्य यजमान के रूप में रंजय कुमार सिंह सपत्नी शामिल हुए. पूजन कार्य मनीष त्रिपाठी के सानिध्य में विधि-विधान से संपन्न कराया जा रहा है.
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इसी प्रकार रेलवे स्टेशन के नवरंग चौक स्थित नवयुवक संघ में भी नवरात्र पूजा का शुभारंभ किया गया. यहां पूजन कार्य विकासकांत पाठक के सानिध्य में संपन्न कराया जा रहा है. मुख्य यजमान के रूप में प्रदीप कुमार गिरी सपत्नी मौजूद रहे. नवरात्र के शुभारंभ के साथ ही शहर के विभिन्न पूजा स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है. अगले नौ दिनों तक लातेहार में भक्तिमय माहौल बना रहेगा और श्रद्धालु मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की आराधना कर सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना करेंगे.



