संत जेवियर कॉलेज ने पांच गोल से जीतकर शहीद स्मारक नॉकआउट फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब किया अपने नाम
पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू एवं विधायक रामचंद्र सिंह ने फीता काटकर और फुटबॉल को किक मारकर किया फाइनल मुकाबले का शुभारंभ, विजेता टीम को 31 हजार व उपविजेता को 21 हजार रुपये देकर किया गया सम्मानित
महुआडांड़ (लातेहार)। आवासीय विद्यालय स्थित खेल स्टेडियम में शुक्रवार को शहीद स्मारक नॉकआउट फुटबॉल टूर्नामेंट 2026 का फाइनल मुकाबला उत्साह और रोमांच के बीच संपन्न हुआ। फाइनल मैच का उद्घाटन पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू एवं मनिका विधायक रामचंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इसके बाद अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया और फुटबॉल को किक मारकर मुकाबले की विधिवत शुरुआत की। इस अवसर पर आयोजन समिति की ओर से मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को बैज लगाकर, शॉल ओढ़ाकर और मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। पूरे आयोजन का नेतृत्व कांग्रेस प्रदेश प्रतिनिधि इफ्तेखार अहमद ने किया, जबकि मंच का संचालन कांग्रेस जिला आदिवासी अध्यक्ष अजीत पाल कुजूर ने किया। एक महीने तक चले इस टूर्नामेंट की अध्यक्षता कांग्रेस युवा प्रखंड अध्यक्ष सह शहीद स्मारक फुटबॉल कमेटी के अध्यक्ष आमिर सुहेल ने की।फाइनल मुकाबला संत जेवियर कॉलेज महुआडांड़ और केनाटोली क्लब के बीच खेला गया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने शानदार खेल का प्रदर्शन किया। हालांकि संत जेवियर कॉलेज की टीम ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए केनाटोली क्लब को पांच गोल से पराजित कर खिताब अपने नाम कर लिया। विजेता टीम को प्रथम पुरस्कार के रूप में 31 हजार रुपये एवं ट्रॉफी तथा उपविजेता टीम को 21 हजार रुपये एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। पूर्व राज्यसभा सांसद ने भी विजेता टीम को 25 हजार व उप विजेता टीम को 20 हजार रूपये प्रदान किये. आयोजन समिति के अनुसार, इस टूर्नामेंट में कुल 48 टीमों ने भाग लिया था। प्रतियोगिता पांच राउंड तक चली, जिसके बाद बेहतर प्रदर्शन करने वाली दोनों टीमें फाइनल में पहुंचीं।
खेल प्रतिभाओं को निखारने का बेहतर मंच है टूर्नामेंट : धीरज प्रसाद साहू
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि महुआडांड़ की पावन धरती पर प्रखंड स्तरीय शहीद स्मारक नॉकआउट फुटबॉल टूर्नामेंट के समापन समारोह में उपस्थित होकर वे स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि शहीदों की स्मृति को खेल के माध्यम से जीवंत रखने का यह सराहनीय प्रयास है। शहीदों का बलिदान हमें देश और समाज के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि फुटबॉल केवल एक खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, संघर्ष, टीम भावना और एकता का प्रतीक है। खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के साथ उनके व्यक्तित्व का विकास भी करता है।
खेल के माध्यम से अपना भविष्य संवारें युवा : विधायक रामचंद्र सिंह
विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि महुआडांड़ प्रखंड के युवाओं में खेल की अपार प्रतिभा छिपी हुई है। लंबे समय के बाद इस तरह के बड़े खेल आयोजन से क्षेत्र के युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का बेहतर अवसर मिला है। उन्होंने खिलाड़ियों से इस मंच का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा कि खेल के माध्यम से युवा अपना करियर बना सकते हैं और राज्य तथा देश का मान-सम्मान बढ़ा सकते हैं।
नागपुरी गीतों पर झूमे दर्शक और खेल प्रेमी
फाइनल मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का उत्साह बढ़ाने के लिए भव्य नागपुरी रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नागपुरी टीम के संयोजक प्रेम सिंह के नेतृत्व में गायक नीतेश कश्यप, मजबूल खान तथा गायिका सुमन गुप्ता और बरखा बड़ाइक ने एक से बढ़कर एक नागपुरी गीत प्रस्तुत किए। गीत-संगीत की शानदार प्रस्तुतियों पर दर्शक झूमते नजर आए। खेल प्रतियोगिता के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम ने भी आयोजन को यादगार बना दिया। पूरे कार्यक्रम में हजारों की संख्या में खेल प्रेमियों की भीड़ उमड़ी।
ये रहे मौजूद
मौके पर एसडीओ सुलेमान मुंडरी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी पूजा कुमारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी संतोष बैठा, थाना प्रभारी अमित कुमार रविदास, कांग्रेस प्रदेश प्रतिनिधि इफ्तेखार अहमद, झारखंड प्रदेश सचिव रविन्द्र राम, सलाम अंसारी, कांता एक्का, कांग्रेस जिला अध्यक्ष कामेश्वर प्रसाद यादव, जिला उपाध्यक्ष हरिशंकर प्रसाद यादव, जिला आदिवासी अध्यक्ष अजीत पाल कुजूर, जिला महासचिव रामनरेश, मनिका प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष दरोगी यादव, प्रमुख कंचन कुजूर, उपप्रमुख अभय मिंज, मंडल अध्यक्ष नुरुल हसन अंसारी, आमिर सुहेल, फादर दिलीप एक्का, फूलचंद यादव, मनोज पासवान, शमशुल अंसारी, वाहिद अंसारी, रानू खान सहित विभिन्न पंचायतों के मुखिया, जनप्रतिनिधि एवं हजारों की संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित थे। टूर्नामेंट को सफल बनाने में शहीद स्मारक फुटबॉल कमेटी के सदस्यों एवं आयोजन समिति का महत्वपूर्ण योगदान रहा।