


उन्होंने खिलाड़ियों को निरंतर मेहनत कर देश और राज्य का नाम रोशन करने का आह्वान किया. उन्होने एक खिलाड़ी के रूप में हर दिन अनुशासन, पसीना और संघर्ष चुनती हैं. हार से डरे बिना फिर से खड़े होना जानती हैं. यही वह जज्बा है जो न केवल खेल के मैदान में, बल्कि जीवन के हर मोड़ पर एक विजेता बनाता है. प्रशिक्षक श्री मिश्रा ने कहा कि जीत केवल स्कोरबोर्ड पर दर्ज अंकों से नहीं, बल्कि उन हजारों छोटी लड़कियों की प्रेरणा से मापी जाती है, जो टीवी या मैदान पर देखकर यह सपना देखती हैं कि वह एक दिन ऐसा खेलेगी. 