बालुमाथ
अंजुमन फ़रोग़-ए-उर्दू का प्रतिभा सम्मान समारोह सह करियर काउंसलिंग कार्यशाला आयोजित.


इस मौके पर मौलाना अब्दुल वाजिद चतुर्वेदी ने नात-ए-पाक व मक़र्रम हयात ने अंजुमन का तराना पेश किया. अपने संबोधन में मौलाना अब्दुल वाजिद चतुर्वेदी ने मरहूम डॉ. इक़बाल नैयर क़ासमी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उर्दू साहित्य के प्रति उनकी गहरी रुचि का उल्लेख किया. उन्होंने सीरत-ए-नबी तथा मौलाना ज़ुल्फ़िकार अली उर्फ़ हज़रत जी और मौलाना रहमतुल्लाह अलैहिर्रहमा पर लिखी गई पुस्तकों का विशेष रूप से ज़िक्र किया. साथ ही समाज को संतुलन एवं सदाचार की राह पर लाने संबंधी उनके महत्वपूर्ण विचारों को भी रेखांकित किया. समारोह में सफल छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र, मेडल एवं मोमेंटो प्रदान किए गए.
मुख्य अतिथि युवा समाजसेवी मुजम्मिल हुसैन ने अपने संबोधन में कहा कि शैक्षणिक प्रगति और जागरूकता के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. अरशद शहनवाज़ ने वर्तमान दौर में मातृभाषा को एक विषय के रूप में बनाए रखने पर विशेष बल दिया. कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया, जिनमें डॉ. दानिश अयाज़ रांची, मौलाना शाहिद नवाज़ मजाहिरी, मौलाना वसीम अकरम नदवी सहित अन्य प्रतिष्ठित अतिथि शामिल थे. वक्ताओं ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें भविष्य में और अधिक मेहनत एवं लगन के साथ शिक्षा प्राप्त करने की प्रेरणा दी.
इस अवसर पर लगभग 90 छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए. इन विद्यार्थियों ने उर्दू विषय में 60 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है. अंजुमन फ़रोग़-ए-उर्दू, झारखंड के पदाधिकारियों ने सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों तथा शिक्षकों को बधाई देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर प्रयास करते रहने की आवश्यकता पर बल दिया. कार्यक्रम के समापन अवसर पर अध्यक्षीय संबोधन में डॉ. ग़ालिब नश्तर ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उर्दू विषय का चयन कर वे प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकते हैं.
आईएएस, आईपीएस, अनुवादक, शिक्षक और अन्य अनेक क्षेत्रों में अपना महत्वपूर्ण स्थान बना सकते हैं. उन्होंने कहा कि उर्दू भाषा रोजगार और उज्ज्वल भविष्य के अनेक अवसर प्रदान करती है. कार्यक्रम के संयोजक हाफ़िज़ मोहम्मद सालिम ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे शैक्षिक एवं सुधारात्मक कार्यक्रम आयोजित करते रहने का संकल्प व्यक्त किया.