लातेहार। दिशा कमेटी (भारत सरकार) के झारखंड प्रदेश समिति के मनोनीत सदस्य देवेश तिवारी ने लातेहार जिले में डीएमएफटी (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन ट्रस्ट) फंड में भारी अनियमितता और घोटाले का आरोप लगाया है. स्थानीय प्रसाधन भवन में पत्रकारों से उन्होंने कहा कि डीएमएफटी फंड का उपयोग भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप नहीं किया गया है तथा अधिकारियों द्वारा खुलकर लूट की गई है. देवेश तिवारी ने बताया कि केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार डीएमटी फंड का 70 प्रतिशत हिस्सा खनन प्रभावित गांवों में शिक्षा, चिकित्सा, आवास, मूलभूत सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण पर खर्च किया जाना अनिवार्य है, जबकि 30 प्रतिशत राशि आसपास के प्रभावित क्षेत्रों के विकास में खर्च की जानी चाहिए.
लेकिन लातेहार में इस राशि का उपयोग समाहरणालय और सरकारी भवनों पर किया गया, जो नियमावली का स्पष्ट उल्लंघन है. उन्होंने आरोप लगाया कि लातेहार जिले की डीएमटी वेबसाइट बंद है, जिससे आम जनता विकास कार्यों और खर्च की जानकारी नहीं देख पा रही है. उन्होंने कहा कि डिजिटल भारत के दौर में यह स्थिति जिले को “पाषाण युग” में ले जाने जैसी है. तिवारी ने कहा कि दिशा समिति का काम विभागों को दिशा देना है और नियम से भटकने वालों पर कार्रवाई की अनुशंसा करने का अधिकार भी समिति को प्राप्त है. उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023 से 2026 तक लातेहार जिले को लगभग 360 करोड़ रुपये डीएमटी फंड प्राप्त हुआ, लेकिन उसका पूरा लेखा-जोखा वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करने की बात कही.