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लातेहार

बालू के अत्‍यधिक उठाव के कारण क्षतिग्रस्‍त हुआ है औरंगा नदी पुल: महेश सिंह

नगर पंचायत अध्‍यक्ष ने क्षतिग्रस्‍त औरंगा नदी पुल का निरीक्षण किया

लातेहार। बुधवार को नगर पंचायत अध्‍यक्ष महेश सिंह ने शहर के जवाहर नवोदय विद्यालय रोड में अवस्थित औरंगा नदी पुल का निरीक्षण किया. श्री सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि उक्‍त पुल का कई पीलर क्षतिग्रस्‍त हो गया और पुल किसी भी समय क्षतिग्रस्‍त हो सकती है. श्री सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वाकई में पुल के कई पीलर क्षतिग्रस्‍त हो गये हैं और कभी भी पुल ध्‍वस्‍त हो सकता है. उन्‍होने कहा कि अगर पुल को दुरूस्‍त नहीं किया गया तो आगामी बरसात में यह पुल निश्‍चित रूप से गिर गया और इस मार्ग से आवागमन बाधित हो जायेगा. उन्‍होने कहा कि वे इसे ले कर वे उपायुक्‍त से मुलाकात करेगें और पुल को दुरूस्‍त कराने का आग्रह करेगें.मौके पर श्री सूर्यनारायण पूजा समिति के अध्‍यक्ष सुरेंद्र प्रसाद सिंह व सुधीर यादव आदि मौजूद थे.

बालु के अत्‍यधिक उठाव के कारण पुल का पीलर क्षतिग्रस्‍त हुआ है 

महेश सिंह ने आरोप लगाया कि पुल के आसपास के क्षेत्रो से अत्‍यधिक मात्रा में बालू का उठाव किये जाने के कारण पुल का पीलर क्षतिग्रस्‍त हुआ है. उन्‍होने बताया कि बालू का उठाव होने के कारण पुल के पीलर का कैप जमीन से बाहर आ गया है पानी के बहाव के कारण पीलर के कंक्रीट में कटाव हो रहा है.

पहले भी क्षतिग्रस्‍त हो गया है पुल का पीलर 

साल 2016-17 में उक्‍त पुल का एक पीलर क्षतिग्रस्‍त हो कर नीचे की ओर धंस गया था. उस समय तत्‍कालीन उपायुक्‍त प्रमोद कुमार गुप्‍ता व उप विकास आयुक्‍त अनिल कुमार सिंह ने इसे गंभीरता से लिया था. उस समय आधुनिक तकनीक की मदद से पुल के क्षतिग्रस्‍त पीलर को दुरूस्‍त किया गया था. इस दौरान तकरीबन एक सप्‍ताह तक पुल के उपर से भारी वाहनो का आवागमन रोक दिया गया था.

साल 2004-05 में पुल का निर्माण कराया गया था

बता दें कि औरंगा नदी पुल का निर्माण तत्‍कालीन उपायुक्‍त कमल किशोर सोन के अथक प्रयास के बाद साल 2004-05 में शुरू की गयी थी. तत्‍कालीन मंत्री डा रविंद्र राय ने इस पुल का शिलान्‍यास किया था. नदी के उस पार जवाहर नवोदय विद्यालय अवस्थित है. बरसात के दिनो में विद्यालय जाने आने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था. खास कर जब किसी बच्‍चे की तबीयत खराब होती थी तो उसे भाया रेलवे स्‍टेशन तकरीबन 10-11 किलोमीटर की अधिक दूरी तय कर अस्‍पताल ले जाना पड़ता था. ऐसे में औरंगा नदी पर पुल बनाने की मांग जोर पकड़ी थी. बता दें कि इस रास्‍ते से बाजकुम, शीशी-कल्‍याणपुर, डेमू और रिचुघुटा तक के लोगों का आवामन होता है.

Ashish Tagore

Bureau Head Shubhamsanwad.com 9471504230/9334804555

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