बालुमाथ
किसी भी कंपनी को बिना ग्रामसभा की सहमति के गांवों में घुसने नहीं दिया जायेगा: ग्रामीण


ग्रामीणों ने कड़े शब्दों में कहा कि बिना ग्राम सभा की सहमति के किसी भी कंपनी को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा. बैठक में विभिन्न गांवों से ग्रामीणों ने कंपनी के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया. ग्रामीणों ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा से भी बड़ा अधिकार ग्राम सभा का है और इसकी अनदेखी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही उपायुक्त, लातेहार को ज्ञापन सौंपेगा और मांग पत्र की प्रतिलिपि राज्यपाल को भी भेजी जाएगी, ताकि ग्राम सभा की सहमति के बिना चल रहे सभी कार्यों पर तत्काल रोक लगाई जा सके. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि कंपनी द्वारा ग्राम सभा के अधिकारों का उल्लंघन जारी रहा, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन एवं कंपनी की होगी.
बैठक के ग्राम प्रधान विहारी यादव ने कहा कि ग्राम सभा की सहमति सर्वोपरि है. गांव की जमीन, जंगल और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरा गांव एकजुट है. किसी भी कीमत पर विस्थापन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा जल, जंगल और जमीन हमारे हैं, और अपने पुरखों की जमीन की रक्षा के लिए ग्रामीण अंतिम सांस तक संघर्ष करेंगे।