लातेहार
मनरेगा को बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है: प्रो ज्यां द्रेंज


उन्होने बताया कि मुज़फ़्फ़रपुर में, हाल ही में हज़ारों मज़दूरों ने मनरेगा की मांग को लेकर 100 दिनों तक धरना दिया, लेकिन उन्हें बहुत कम सफलता मिली. सरकारी आंकड़े भी दिखाते हैं कि 2025-26 की आखिरी तिमाही में मनरेगा के तहत रोज़गार में भारी गिरावट आई है. वहीं वहीं झारखंंड नरेगा वाच के राज्य संयोजक जेम्स हेरेंज ने कहा कि क तरफ सरकार मनरेगा को खत्म कर रही है तो दूसरी तरफ वह वीबी ग्राम जी को भी अधर में लटकाए हुए है. बार-बार यह घोषणा किए जाने के बावजूद कि वह वीबी ग्राम जी को एक अप्रैल 2026 को शुरू किया जाएगा, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.
इस कानून को अभी तक अधिसूचित तक नहीं किया गया है. इसके लिए दिशा-निर्देश भी अभी तक जारी नहीं किए गए हैं. राज्यों के लिए वित्तीय आवंटन भी एक रहस्य बना हुआ है. जिससे राज्यों के लिए आगे की योजना बनाना असंभव हो गया है. हर तरफ केवल भ्रम और अनिश्चितता का ही बोलबाला है. लेबर ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10-12 सालों में ग्रामीण भारत में असली मज़दूरी स्थिर हो गई है. सभा को भाकपा माले के धनेश्वर सिंह, मुनेसर सिंह, ग्राम स्वराज मजदूर संघ के पचाठी सिंह, भूखन सिंह, बलराम उराँव श्यामा सिंह, सूरजमनी उराँव, मनोज भुइयाँ आदि ने भी संबोधित किया. सभा का संचालन लालबिहारी सिंह ने की.