बालूमाथ (लातेहार)। जिला परिषद की उपाध्यक्ष अनीता देवी ने झारखंड सरकार द्वारा राज्य में पेसा अधिनियम को लागू किए जाने के निर्णय का स्वागत किया है. उन्होने इसे आदिवासी समाज के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है. उन्होंने कहा कि पेसा एक्ट ग्रामसभा को निर्णय लेने की कानूनी शक्ति देता है. जिससे आदिवासियों के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा होगी और उनकी सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी. अनीता देवी ने झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को इस जनहितकारी निर्णय के लिए धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि इससे गांवों में सशक्त स्थानीय शासन की नई दिशा स्थापित होगी. उन्होंने कहा कि यह कानून वन,जल,ज़मीन और संसाधनों पर आदिवासियों के हक को संरक्षित करेगा तथा उनकी भागीदारी को सुनिश्चित करेगा. पेसा कानून का उद्देश्य है आदिवासियों को ग्राम स्तर पर स्वशासन का अधिकार देना. इस कानून से ग्रामसभा को वन,जल,ज़मीन जैसे अहम विषयों पर निर्णय लेने का अधिकार मिलेगा. पेसा कानून ग्रामसभा की ताकत को पहचानने और आदिवासी स्वशासन को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है,. उन्होंने बताया कि इसे लेकर आदिवासी समुदाय में काफ़ी उत्साह है.