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राज्‍यलातेहार

नये साल में सैलानियों का स्‍वागत करने के लिए तैयार है तपा की पहाड़ी

आशीष टैगोर

लातेहार। अगर यह कहा जाये कि प्रकृति ने लातेहार को अपनी नायाब और बेशुमार नेमतों से नवाजा है तो गलत नहीं होगा. हरी भरी वादियां, उच्चे-नीचे पर्वत, पर्वत के बीच से कलकल बहती नदियां तथा जंगलों में महुआ एवं पलास की खुशबू यह छोटा सा एक परिचय है लातेहार जिला का. लातेहार जिला की नयनाविराम छटा और मनोहारी दृश्‍य लोगों को अपनी ओर बरबस आकर्षित करती है. जिले में नेतरहाट एवं बेतला जैसे  राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल हैं. वहीं  कुछ ऐसे भी मनोरम स्‍थल हैं जो सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं. इनमें एक है तपा की पहाड़ी. लातेहार शहर के पूरब में स्थित तपा की पहाड़ी एवं उसके नीचे बहता झरिया डैम भी नये साल में शहरवासियों के तफरीह की एक मुरीद जगह है. रांची की ओर से लातेहार में प्रवेश करते ही मानो प्रतीत होता है कि तपा की पहाड़ी अपनी दोनो बाहें फैलाया सैलानियों स्वागत करने के लिए तैयार खड़ी है.  झरिया डैम के किनारों पर बैठ कर तपा पहाड़ियों की चोटियों को निहारना मन को सुकून देता है. अगर आपको पहली जनवरी को कहीं घुमने जाना है तपा की पहाड़ी में अवश्य आयें. यहां की खुबसूरती के आप मुरीद हो जायेगें.
एनएच 75 पर है तपा की पहाड़ी
तपा की पहाड़ी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एनएच 75 पर रांची-मेदिनीनगर मुख्य मार्ग पर अवस्थित है. मुख्य मार्ग से महज 100 मीटर की दूरी पर झरिया का डैम है और डैम के उस पार तपा की पहाड़ी है.
कैसे पहुंचे
तपा की पहाड़ी व झरिया डैम पहुंचने का सबसे सुलभ सड़क मार्ग है. रांची से मेदिनीनगर मार्ग पर असंख्य यात्री बसें चलती है. मेदिनीनगर से रेल मार्ग से भी आया जा सकता है, लेकिन रांची से रेल मार्ग से आना थोड़ा परेशानियों वाला है. हालांकि रांची या मेदिनीनगर से यहां एक दिन में सैर सपाटा कर वापस लौटा जा सकता है. वैसे शहर में रुकने के लिए कई होटल व रेस्ट हाउस भी उपलब्ध है.
क्या देखें
पहली जनवरी को लोग यहां पिकनीक मनाते हैं. झरिया डैम के किनारे असंख्य चट्टाने हैं. वहीं पहाड़ में कंदरायें हैं. लोग यहां वनभोज करते हैं और तपा पहाड़ की चढ़ाई करते हैं. पर्वत की चोटी से पूरा शहर दिखायी पड़ता है. यही नहीं चोटी से सरपीले आकार सी दिखायी पड़ने वाली एनएच 75 पर वाहन माचिस की डिबिया जैसी दिखायी पड़ती है.
कई होटल व ढाबे हैं
तपा पहाड़ के नीचे कई होटल व ढाबे हैं. यहां नास्ते व खाने की पूरी व्यवस्था है. अगर आप वन भोज नहीं कर रहे हैं तो पहाड़ी का सैर कर होटल व ढाबों मे भी खाना खा सकते हैं.

बनाया जा रहा है नेचुरल पार्क 

 तपा की पहाड़ी के नीचे वन विभाग के द्वारा 2.39 करोड़ रूपये की लागत से नेचुरल पार्क का निर्माण कराया जा रहा है. हालांकि यह अभी निर्माणाधीन है, बावजूद इसके प्रतिदिन यहां सैकड़ों सैलानी आ रहे हैं. वन विभाग के द्वारा प्रकृति की गोद में एक ऐसा मनोरम पार्क का निर्माण कराया जा रहा है जहां आप सपरिवार घंटों समय बीता सकते हैं. तपा की पहाड़ी में चढ़ने के लिए सीढि़यों का निर्माण कराया गया है. बैठने के लिए माकूल जगह, सेल्‍फी के लिए प्‍वाईंट और बच्‍चों के लिए खेलने के लिए कई उपकरण लगाये जा रहे हैं. नि:संदेह आने वाले दिनो में यह पार्क लोगों की तफरीह के लिए एक अनुपम स्‍थल होगा.

Ashish Tagore

Bureau Head Shubhamsanwad.com 9471504230/9334804555

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