महुआडांड़ (लातेहार)। गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को नेतरहाट पंचायत भवन में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ग्राम सभा की अध्यक्षता नेतरहाट पंचायत के मुखिया राम बिषुण नागेशिया ने की। विशेष ग्राम सभा में नेतरहाट आवासीय विद्यालय के लगभग 30 छात्र-छात्राओं, दो शिक्षकों एवं पिरामल फ़ाउंडेशन ने विशेष रूप से सहभागिता की। गौरतलब है कि मुखिया राम बिषुण नागेशिया द्वारा कुछ दिन पूर्व विद्यालय के बच्चों को विशेष ग्राम सभा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था। इसी आमंत्रण के तहत विद्यालय के छात्र-छात्राएं आज पंचायत भवन पहुंचे और ग्राम सभा की पूरी प्रक्रिया को करीब से समझने एवं उसमें सहभागिता करने का अवसर प्राप्त किया। पंचायत भवन पहुंचने पर मुखिया एवं पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा बच्चों का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इसके बाद बच्चों को पंचायत की विभिन्न व्यवस्थाओं एवं कार्यालयों को स्वयं देखने और समझने का अवसर दिया गया। बच्चों ने पंचायत सचिव के कार्यालय, मुखिया कक्ष, पुस्तकालय तथा प्रज्ञा केंद्र का भ्रमण किया।नबच्चों ने पंचायत सचिव से पंचायत के कार्यों, ग्राम सभा की प्रक्रिया एवं प्रस्तावों से संबंधित कई सवाल पूछे। वहीं प्रज्ञा केंद्र में बच्चों ने वहां कार्यरत कर्मी से यह जानने का प्रयास किया कि प्रज्ञा केंद्र के माध्यम से किस प्रकार के कार्य किए जाते हैं, लोगों से जुड़े किन-किन मुद्दों का समाधान किया जाता है तथा विभिन्न सेवाओं की प्रक्रिया क्या होती है। छात्राओं ने महिला मंडल की सदस्यों से बातचीत कर महिलाओं की पंचायत स्तर पर भूमिका एवं सहभागिता के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इसके पश्चात पंचायत भवन परिसर में पेड़ के नीचे विशेष ग्राम सभा आयोजित की गई। मुखिया श्री राम बिषुण नागेशिया की अध्यक्षता में ग्राम सभा की कार्यवाही शुरू हुई। मुखिया जी ने उपस्थित सभी लोगों एवं विशेष रूप से विद्यालय से आए बच्चों का स्वागत किया और ग्राम सभा में उनकी उपस्थिति को महत्वपूर्ण बताया। इसके बाद पंचायत सचिव द्वारा ग्राम सभा के प्रस्ताव एवं संबंधित विषयों को रखा गया। उपस्थित ग्रामीणों द्वारा भी विभिन्न विषयों पर अपनी बातें एवं प्रस्ताव रखे गए। इस दौरान विद्यालय के बच्चों ने भी अपनी जिज्ञासाओं से जुड़े प्रश्न पूछकर सक्रिय सहभागिता की। इस अवसर पर बच्चों को यह समझने का अवसर मिला कि ग्राम सभा किस प्रकार स्थानीय लोकतंत्र का महत्वपूर्ण मंच है और पंचायत स्तर पर विकास एवं जनहित से जुड़े विषयों पर किस प्रकार चर्चा और निर्णय की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। मुखिया राम बिषुण नागेशिया ने बच्चों की सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को ग्राम सभा जैसी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जोड़ना बेहद जरूरी है। युवाओं की भागीदारी बढ़ने से उनमें अपने गांव और पंचायत के प्रति जागरूकता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। इस पूरी गतिविधि का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य विद्यार्थियों में स्थानीय स्वशासन, लोकतांत्रिक भागीदारी, नेतृत्व क्षमता एवं नागरिक जिम्मेदारी की समझ विकसित करना भी रहा। बच्चों ने इस दौरान केवल ग्राम सभा में उपस्थित होकर कार्यक्रम देखने के बजाय पंचायत की कार्यप्रणाली को स्वयं समझने, सवाल पूछने और संबंधित लोगों से संवाद करने में सक्रिय भूमिका निभाई। पिरामल फ़ाउंडेशन से सुहान रज़ा के सहयोग से आयोजित इस सहभागिता को आगामी Model Youth Gram Sabha (MYGS) की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे बच्चों को यह समझने का अवसर मिला कि वे भी अपने गांव, पंचायत और समुदाय से जुड़े मुद्दों को समझकर लोकतांत्रिक मंचों पर अपनी बात रख सकते हैं।विशेष ग्राम सभा में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता ने युवाओं को स्थानीय शासन एवं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जोड़ने की दिशा में एक सकारात्मक संदेश दिया। इस तरह की पहल से आने वाली पीढ़ी में “अपनी पंचायत, अपनी भागीदारी और अपने मुद्दों” के प्रति जागरूकता को मजबूत किया जा सकता है।