लातेहार। विश्व ओलंपिक दिवस के अवसर पर जिला खेल कार्यालय और लातेहार जिला ओलंपिक एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में खेल के प्रति जागरूकता बढ़ाने और खिलाड़ियों को प्रेरित करने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. जिला मुख्यालय में सुबह क्रॉस कंट्री दौड़ और शाम को आयोजित वॉलीबॉल प्रतियोगिता के बाद बैडमिंटन इंडोर स्टेडियम में एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया. लातेहार जिला एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष नीरज कुमार, लातेहार जिला थ्रो बॉल एसोसिएशन से सचिव शुभम कुमार साव और उपाध्यक्ष मीना देवी, बैडमिंटन एसोसिएशन के मनोज कुमार, लातेहार जिला कबड्डी एसोसिएशन से अध्यक्ष खुशबू देवी, सचिव भरत प्रसाद गुप्ता मंच पर अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला खेल पदाधिकारी अविनेश कुमार त्रिपाठी ने की. उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि, खेल केवल शारीरिक शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण का माध्यम है. डोपिंग जैसी कुरीतियाँ न केवल खिलाड़ी का भविष्य नष्ट करती हैं, बल्कि राष्ट्र का नाम भी कलंकित करती हैं. सभी खिलाड़ियों को ‘क्लीन स्पोर्ट’ की नीति का पालन करना चाहिए. जिला ओलंपिक एसोसिएशन के प्रतिनिधि प्रवीण मिश्रा ने ओलंपिक के गौरवशाली इतिहास, ओलंपिया शहर से इसकी शुरुआत और आधुनिक ओलंपिक के महत्व पर प्रकाश डाला. डोपिंग के खतरों पर चेतावनी देते हुए कहा एक खिलाड़ी की असली ताकत उसकी मेहनत और पसीना है. डोपिंग के माध्यम से प्राप्त जीत क्षणिक होती है और यह आपके स्वास्थ्य व सम्मान को हमेशा के लिए समाप्त कर सकती है.अपने अनुशासन को ही अपना सबसे बड़ा पदक मानें और खेल की पवित्रता को बनाए रखें. कार्यक्रम के सफल संचालन में जिला खेल समन्वयक लखेश्वर मंडल का अहम योगदान रहा. उ इस सेमिनार में जिला पर्यटन समन्वयक अभिजीत कुमार, बैडमिंटन प्रशिक्षक वाहिद अंसारी, एथलेटिक्स प्रशिक्षक कमल कुमार, वॉलीबॉल कमलेश उरांव, अंकित तिग्गा बालक व बालिका आवासीय एथलेटिक्स केंद्र, डे बोर्डिंग प्रशिक्षण केंद्र, खेलो इंडिया एथलेटिक सेंटर और बैडमिंटन प्रशिक्षण केंद्र के प्रशिक्षु खिलाड़ी बड़ी संख्या में उपस्थित थे. कार्यक्रम के अंत में सभी पदाधिकारियों ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया.