बालूमाथ (लातेहार)। मगध संघमित्रा कोल परियोजना के विस्थापित ग्रामीणों ने रोजगार एवं मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर रविवार को सीसीएल महाप्रबंधक कार्यालय पर प्रदर्शन किया. आरा, चमातू और फुलबासिया गांव के सैकड़ों ग्रामीण टोकरी और बेलचा लेकर सड़क पर उतरे और प्रबंधन के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की. प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने मांग की कि कोयला परियोजना में स्थानीय विस्थापितों को रोजगार का अवसर दिया जाए. ग्रामीणों ने खुद ट्रकों में कोयले की लोडिंग कर स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग उठाई. उनका कहना था कि उनकी जमीन पर कोयला उत्पादन किया जा रहा है. लेकिन परियोजना से प्रभावित परिवारों को इसका उचित लाभ नहीं मिल रहा है. रोजगार के अभाव में विस्थापित ग्रामीणों के सामने रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो रहा है. ग्रामीणों ने कहा कि कोयला परियोजना के संचालन से क्षेत्र में कई तरह की समस्याएं उत्पन्न हुई हैं. लेकिन प्रभावित गांवों में आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है. विस्थापित व प्रभावित ग्रामीणों ने रोजगार के साथ साथ गांवों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने सीसीएल प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा.